जरूरत हुई तो पेंटिंग बेच दूँगी- ममता

ममता बनर्जी
Image caption ममता बनर्जी ने पार्टी विधायकों और नेताओं को दस सूत्री निर्देश जारी किए हैं

‘विधानसभा की बैठकों में ज्यादा शामिल मत हों, वहां भत्ते के तौर पर जो पैसे मिलेंगे उसकी जरूरत नहीं है. अपने चुनाव क्षेत्रों में रह कर काम करें. रियल एस्टेट के धंधे में शामिल नहीं हों. पार्टी में गुटबाजी न करें.....’

पिछले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के साथ सत्ता में आई तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने विधायकों को जो दस-सूत्री दिशानिर्देश जारी किए हैं, यह उसी का हिस्सा है.

बंगाल में सत्ता संभालने के साल भर पूरा होने से पहले ही ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस के विधायकों-नेताओं पर तमाम तरह के भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोप लगने लगे हैं. विपक्ष इन मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहा है.

इन पर काबू पाने के लिए ममता ने अपने नेताओं-विधायकों की बैठक में उनके लिए एक दस-सूत्री दिशानिर्देश जारी किया है. इसमें उनसे कहा गया है कि वे क्या करें और क्या नहीं.

इसमें यह भी कहा गया है कि विधायकों को रात 11 बजे तक अपने मोबाइल फोन खुद ही उठाने चाहिए ताकि इलाके के लोगों की समस्याएं सुन सकें.

सरकारी पुस्तकालयों में अखबारों की खरीद के बारे में पिछले दिनों जारी अधिसूचना के मुद्दे पर मीडिया के एक वर्ग और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच वाकयुद्ध का दौर चल रहा है.

मीडिया

ममता ने इस बात पर नाराजगी जताई कि पार्टी की बैठकों में होने वाली बातचीत और फैसलों की खबर उन अखबारों को कैसे मिल जाती है जो सरकार की आलोचना करने में जुटे हैं.

मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पार्टी का कौन सा नेता अपने मोबाइल फोन पर किन-किन पत्रकारों से बातचीत कर रहा है, इसका पता लगाना उनके लिए कोई मुश्किल नहीं है. ममता ने कहा, "मैंने अब तक यह काल डिटेल्स नहीं निकलवाई है. लेकिन भविष्य में यह भी करूंगी."

ममता ने विधायकों को साफ निर्देश दिया कि पार्टी का कोई भी नेता कहीं से जबरन उगाही नहीं करेगा. उनका कहना था, "अगर किसी के पास पैसे नहीं हो तो मैं अपने बनाए चित्रों को बेच कर उसे पैसे दूंगी. लेकिन इसके लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाएँ."

बैठक में राज्य के आगामी पंचायत चुनाव और सरकार में शामिल कांग्रेस के साथ तृणमूल के बनते-बिगड़ते रिश्तों पर भी विचार-विमर्श किया गया. तृणमूल कांग्रेस ने आगामी 21 जुलाई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में अपनी ताकत दिखाने के लिए एक विशाल रैली आयोजित करने का फैसला किया है.

ध्यान रहे कि तृणमूल कांग्रेस हर साल इसी दिन शहीद रैली का आयोजन करती है. लेकिन इस साल उसकी यह रैली जवाबी होगी. वाममोर्चा ने बीती 19 फरवरी को उस मैदान में जितनी भीड़ जुटाई थी, तृणमूल उसका जवाब देना चाहती है.

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