दूसरे इतालवी बंधक को माओवादियों ने छोड़ा

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Image caption इतालवी पर्यटक पाओलो को माओवादियों ने छोड़ दिया है

ओडिशा में अगवा किए इतालवी बंधक बोसुस्को पाओलो को माओवादियों ने रिहा कर दिया है.

इस मामले में मध्यस्थता कर रहे दंडपाणि मोहंती के हाथों पाओलो को सौंप दिया गया है.

दंडपाणि मोहंती ने भुवनेश्वर में मीडिया से बातचीत में कहा कि बुधवार रात वो कंधमाल के जंगलों में माओवादियों के अड्डे पर पंहुचे और उनके नेता सब्यासाची पांडा से बात की.

उन्होंने कहा, "पंडा ने आपत्ति जताई की हमने जिन लोगों को छोड़ने की मांग की थी सरकार ने उन्हें जमानत याचिका दायर करने के लिए कहा है. पंडा का कहना था कि ये गलत है वो चाहते हैं कि इन लोगों के खिलाफ मुकदमे हटाए जाए. लेकिन बड़ी मुश्किल से मैने उन्हें मनाया और कहा कि माओवादियों की बात वो सरकार तक पंहुचाएंगे."

माओवादी मान गए और सुबह करीब 11 बजे मोहंती पाओलो को लेकर सरकारी गेस्ट हाउस पंहुचे.

पाओलो की मेडिकल जांच करवाई जा रही है. उन्होंने अभी मीडिया से बात नहीं की है लेकिन वो गेस्ट हाउस की बालकनी पर आए. सफेद कमीज पहने पाओलो खुश दिख रहे थे और उन्होंने दूर से पत्रकारों को नमस्कार भी किया.

ओडिशा सरकार की तरफ से राज्य के गृह सचिव यूएन बेहुरा, पंचायती राज सचिव प्रदीप जेना और अधिसूचित जाति और जनजाति विकास के अधिकारी संतोष सारंगी को सौंपा गया.

विधायक अभी भी बंधक

इससे पहले बंधकों को छोड़ने के लिए माओवादियों के शर्तों की समय सीमा मंगलवार को खत्म हो गई थी.

माओवादियों ने ओडिशा में दो अलग अलग मामलों में इतालवी पर्यटक बोसुस्को पाओलो और बीजू जनता दल विधायक झीना हिकाका का अपहरण किया है.

विधायक झीना हिकाका की रिहाई की अभी कोई खबर नहीं है.

इन दोनों की रिहाई के लिए माओवादियों नें शर्ते लगाई है जिनमें 30 माओवादियों की रिहाई की मांग थी.

बोसुस्को पाओलो 29 दिनों तक माओवादियों के कब्जे में थे.

51 साल के टूर ऑपरेटर बोसुस्को को माओवादियों ने 14 मार्च अगवा कर लिया था. उनके साथ एक दूसरे इतालवी नागरिक क्लॉडियो कोलेंगेलो का भी अपहरण किया गया था लेकिन उन्हें बाद में छोड़ दिया गया था.

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