दिल्ली नगर निगम में खिला कमल

भाजपा
Image caption साल 2007 में हुए दिल्ली नगर निगम चुनाव में भी भाजपा ने जीत हासिल की थी

दिल्ली नगर निगम के लिए हुए चुनाव के नतीजों के अनुसार तीनों निगमों पर भाजपा ने जीत हासिल कर ली है. नगर निगम के तीन क्षेत्रों उत्तर, दक्षिण और पूर्वी दिल्ली में बँटने के बाद वहां पहली बार चुनाव हुए थे.

भाजपा ने 272 वार्ड में 138 में जीत हासिल की है, कांग्रेस को 78, राष्ट्रीय लोकदल को पांच , इंडियन नेशनल लोकदल तीन, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पांच, सपा दो और जेडीयू को दो वार्ड में जीत हासिल हुई.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इन नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़े गए थे और हर चुनाव में जीत-हार होती है ऐसे में इन नतीजों को ठीक ढंग से स्वीकार किया जाना चाहिए.

इन चुनाव में भाजपा को मिली जीत के बाद दिल्ली के भाजपा कार्यालय में ढोल और पटाखे छुड़ाए गए. पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने जीत को असाधारण बताया.

गडकरी का कहना था, '' इस जीत ने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया है. गोवा, पंजाब में हुए चुनाव और मुंबई के निगम चुनाव इस बात का प्रमाण हैं कि लोग वर्तमान यूपीए-कांग्रेस सरकार के कुशासन, मंहगाई और भ्रष्टाचार से नाराज़ है और ऐसी स्थिति में भाजपा देश को संभालने के लिए तैयार है और हमारे कार्यकर्ता इस पर काम कर रहे हैं.''

कांग्रेस का कहना था कि ये तो केवल स्थानीय चुनाव थे.

कांग्रेस के लिए झटका

पार्टी के प्रवक्ता राशिद अल्वी का कहना था,'' पिछली बार भाजपा दिल्ली नगर निगम के चुनाव जीती थी लेकिन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता में आई थी इतना ही नहीं आम चुनाव में वह सात सीटों पर काबिज हुई थी. नगर निगम चुनाव को केवल नगर निगम चुनाव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.''

एमसीडी चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन को मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.

वे तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं. भाजपा ने इन चुनावों में दीक्षित सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को मुख्य मुद्दा बनाया था.

साल 2007 में दिल्ली नगर निगम के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने 144 वार्ड में जीत हासिल की थी तो वहीं कांग्रेस ने 59 और बसपा के हाथ 12 वार्ड आए थे. इस दौरान दिल्ली नगर निगम का विभाजन नहीं हुआ था.

भाजपा ने इन चुनाव में जहां दीक्षित सरकार पर निशाना साधा था तो वहीं कांग्रेस ने भाजपा के नगर निगम में भ्रष्ट और अक्षम प्रशासन को मुद्दा बनाया था.

इससे पहले बृहन मुंबई नगरपालिका निगम के लिए हुए चुनाव में भी कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था. इन चुनाव में भाजपा और शिवसेना गठबंधन ने अच्छा प्रदर्शन किया था.

भाजपा दिल्ली नगर निगम के चुनाव नतीजों को सेमीफाइनल बता रही है क्योंकि लगभग 18 महीने बाद दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं और वर्ष 2014 में आम चुनाव ऐसे में कांग्रेस सरकार के लिए ताजा नतीजे परेशानी का सबब बन सकते हैं.

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