भारतीय छात्रों के बारे में ब्रिटेन का भरोसा

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Image caption आनंद शर्मा ने कहा कि ब्रिटेन के शीर्ष स्तर से भरोसा मिलना एक अच्छा संकेत है

भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा है कि ब्रिटेन ने भारत को भरोसा दिया है कि वो ब्रिटेन में ऐसे भारतीय छात्रों को पढ़ाई के बाद काम करने की अनुमति देना जारी रखेगा जिन्हें अपनी डिग्री के लायक काम मिल जाता है.

ब्रिटेन में बाहर से आए छात्रों को पढ़ाई के बाद दो साल तक नौकरी करने की अनुमति रही है मगर नए वीजा कानूनों के तहत यूरोपीय संघ से बाहर के छात्रों के लिए इस प्रावधान को खत्म कर दिया गया है.

इसके बाद ब्रिटेन में पिछले कुछ समय से भारतीय छात्रों के बीच – पोस्ट स्टडी वर्क परमिट – के मुद्दे को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है.

आनंद शर्मा ने लंदन में संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने ब्रिटेन के वित्त मंत्री जॉर्ज ऑसबोर्न और व्यवसाय मंत्री विन्स केबल के साथ अपनी मुलाकात में इस मुद्दे को उठाया.

उन्होंने बताया कि उन्होंने ब्रिटिश वित्त मंत्री से कहा कि इस फ़ैसले से ऐसे भारतीय छात्रों को असुविधा हो रही है जो ब्रिटिश विश्वविद्यालयों में पढ़ाई पर किए गए खर्च को काम करके जुटाना चाहते हैं और इसलिए अब वे पढ़ाई के लिए दूसरे देशों में जाने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं.

आनंद शर्मा ने ब्रिटिश मंत्रियों के साथ बातचीत में इस बात पर ज़ोर दिया कि इस फैसले से ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों पर भी असर पड़ेगा जहाँ अभी 40,000 से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं.

भरोसा

आनंद शर्मा ने लंदन में भारतीय उच्चायोग में एक संवाददाता सम्मेलन में ब्रिटिश मंत्रियों के साथ अपनी मुलाकात के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ब्रिटेन सरकार ने उन्हें भरोसा दिया है कि भारतीय छात्रों को काम करने की अनुमति देना जारी रहेगा.

उन्होंने कहा,"ब्रिटेन सरकार का इरादा इनकार करने का नहीं है और वे केवल ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हासिल की गई शिक्षा का इस्तेमाल काम के लिए हो रहा है कि नहीं.

"उन्होंने मुझसे कहा है कि छात्रों को पहले अपनी योग्यता और डिग्री के हिसाब से वाजिब नौकरी प्राप्त करनी होगी. ये ऐसी बात है जिसे लेकर चर्चा हो सकती है."

मंत्री ने कहा कि ब्रिटेन सरकार के शीर्ष स्तर से भरोसा मिलना ये जताता है कि इस मुद्दे को सुलझाया जा सकेगा.

आनंद शर्मा ने कहा,"मैं इसपर चर्चा जारी रखूँगा और मुझे उम्मीद है कि हमारे संबंध जिस तरह के हैं, उससे इस मुद्दे को सही तरीक़े से सुलझाया जा सकेगा."

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