कलेक्टर अपहरण मामले में मदद दी जाएगी: गृह सचिव

इमेज कॉपीरइट facebook

केंद्र सरकार ने कहा है कि छत्तीसगढ़ से अगवा किए गए सुकमा जिले के कलेक्टर की रिहाई को लेकर वो राज्य सरकार के संपर्क में है.

गृह सचिव आरके सिंह ने पत्रकारों को दिल्ली में बताया, “हम राज्य सरकार के संपर्क में हैं. जो भी मदद उन्हें चाहिए होगी वो दी जाएगी.”

नक्सलियों ने शनिवार शाम को 32 वर्षीय कलेक्टर ऐलेक्स पॉल मेनन का अपहरण कर लिया था जब वो ग्राम सुराज अभियान के तहत एक बैठक कर रहे थे.

इस बीच कलेक्टर की रिहाई की रणनीति बनाने के लिए सोमवार को सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई.

छत्तीसगढ़ के बीबीसी संवाददाता सलमान रावी ने कहा है कि इसमें इस बात पर चर्चा होगी कि कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनॉन को छुड़ाने के लिए क्या कदम उठाए जाएं.

राज्य के वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा यह भी मांग करते रहे हैं कि बढ़ते हुए हमलों के चलते अधिकारियों के वहां जाने से पहले बीमा कराया जाए.

रविवार को माओवादियों ने बीबीसी को एक ऑडियो संदेश भेजा था जिसमें सरकार को 25 अप्रैल तक का समय दिया गया है और माओवादियों ने अपने कई साथियों की रिहाई और माओवादी विरोधी ऑपरेशन ग्रीनहंट को बंद करने की मांग रखी थी.

मेनन वर्ष 2006 के बैच के आईएएस अधिकारी हैं और तमिलनाडु के रहने वाले हैं.

सुकमा जिला छत्तीसगढ़ के दक्षिणी भाग में उडिशा-आंध्र प्रदेश की सीमा से सटा हुआ दुर्गम जंगलों वाला इलाका है. ये रायपुर से लगभग 450 किलोमीटर दूर दक्षिण में स्थित है.

संबंधित समाचार