काश, बाबूजी ये दिन देख पाते: अमिताभ

अमिताभ बच्चन
Image caption अमिताभ बच्चन ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उन्हें निर्दोष ठहराया गया

बोफोर्स मामले में स्वीडन के पूर्व पुलिस प्रमुख स्टेन लिंडस्ट्रोम के बयान के बाद मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन ने भी इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है.

मुंबई में बुलाए गए एक संवाददाता सम्मेलन में अमिताभ बच्चन ने इस बात पर खुशी जताई कि उन्हें निर्दोष ठहराया गया है. लिंडस्ट्रोम ने कहा था कि बोफोर्स घोटाले में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के खिलाफ़ घूस लेने के कोई सबूत नहीं है.

लिंडस्ट्रोम के अनुसार मामले की जाँच कर रहे अधिकारियों ने फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन का नाम इस मामले में जबरदस्ती जोड़ा था. अमिताभ बच्चन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगर उनके माँ-बाबूजी आज जीवित होते, तो उन्हें ये सुनकर अच्छा लगता.

अमिताभ बच्चन ने कहा, "माँ और बाबूजी के लिए दुख होता है. उनके मन में इस मामले को लेकर क्लेश था. अगर आज जीवित होते तो बहुत खुश होते. मैं खुश हूँ कि मुझे निर्दोष घोषित कर दिया गया है."

पीड़ा

उन्होंने इससे इनकार किया कि उन्होंने बोफोर्स मामले के कारण ही राजनीति छोड़ी. अमिताभ ने कहा, " राजनीति इसलिए छोड़ा था क्योंकि राजनीति आती नहीं थी. इसका बोफोर्स से कोई लेना देना नहीं था."

संवाददाता सम्मेलन में अमिताभ के बयान में उनकी पीड़ा साफ झलक रही थी. उन्होंने कहा, "मुझे याद आ रहा है कि जिस जमाने में ये बात चली थी. मुझ पर लांछन लगाए जाते थे. मुझे गालियाँ पड़ी थी."

अमिताभ ने उन दिनों को भी याद किया, जब एक दिन उनके पिता हरिवंश राय बच्चन ने उन्हें बुलाकर पूछा कि तुमने कोई गलत काम तो नहीं किया. अमिताभ को लगा कि उनके बाबूजी इस सारे मामले से आहत थे.

अमिताभ बच्चन ने स्वीकार किया कि इस सच को सामने आने में 25 साल लग गए. उन्होंने लिंडस्ट्रोम पर सवाल भी उठाए और कहा कि अगर उन्हें 25 साल से ये मालूम था, तो वे सामने क्यों नहीं आए.

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