रक्षा सौदों में बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी: टीम अन्ना

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption टीम अन्ना ने रक्षा सौदों में अनियमितता के आरोप लगाए हैं

टीम अन्ना ने आरोप लगाए हैं कि देश में रक्षा सौदों में बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी होती है, जिसके लिए सरकार की ओर से कुछ अघोषित दलाल काम करते हैं.

टीम अन्ना के सदस्यों अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण ने कहा कि उनके पास इस बात के दस्तावेजी प्रमाण हैं. अरविंद केजरीवाल ने सरकार से इन दस्तावेजों की जांच करने और इन आरोपों पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है.

नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें एक अमरीकी नागरिक एडमंड एलेन ने ये दस्तावेज मुहैया कराए हैं जो कि कभी अभिषेक वर्मा के सहयोगी हुआ करते थे.

उन्होंने कहा कि इन दस्तावेजों से साफ पता चलता है कि अरबों रुपयों के रक्षा संबंधी और टेलीकॉम संबंधी सौदों में अभिषेक वर्मा ने बिचौलिए की भूमिका निभाई है.

दस्तावेज़

अभिषेक वर्मा कांग्रेस के सांसद रहे श्रीकांत वर्मा के बेटे हैं और खुद भी युवा कांग्रेस में पदाधिकारी रह चुके हैं. इसके अलावा बहुचर्चित नेवी वॉर रूम मामले में भी अभिषेक वर्मा प्रमुख अभियुक्त थे और दो महीने की सजा भी काट चुके हैं.

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि साल 2010 में भारत ने इसरायल की एक कंपनी ईसीआई टेलीकॉम पर दस करोड़ डॉलर का डंपिंग-रोधी शुल्क लगाया था. लेकिन दस्तावेज के मुताबिक कंपनी ने अभिषेक वर्मा के जरिए इस शुल्क को वापस कराने में सफलता पाई.

केजरीवाल ने कहा, “इन दस्तावेजों से साफ पता चलता है कि सरकार की ओर से कुछ ऐसे लोग हैं जिनके जरिए सरकार में बड़े से बड़ा काम करवाया जा सकता है.”

उनका कहना है कि अभिषेक वर्मा भी ऐसे ही एक मध्यस्थ हैं और उन्हें सरकार की तरफ से पूरा संरक्षण मिलता है.

ये पूछे जाने पर कि इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता का आधार क्या है, केजरीवाल ने कहा कि ये काम सरकार का है.

उनके मुताबिक जिस अमरीकी नागरिक ने उन्हें ये दस्तावेज सौंपे हैं, उसने सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और दूसरे अधिकारियों को भी ये दस्तावेज सौंपे हैं, लेकिन इनकी तरफ से कोई महत्व नहीं दिया गया.

संबंधित समाचार