नूपुर तलवार को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं

Image caption राजेश और नूपुर तलवार के खिलाफ पिछले चार साल से मुकदमा चल रहा है

सुप्रीम कोर्ट ने आरूषि हत्याकांड के मामले में नूपुर तलवार को सोमवार को ट्रायल कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण करने को कहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने आरूषि की मां नूपुर के खिलाफ गाजियाबाद की ट्रायल कोर्ट की तरफ से जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया.

न्यायमूर्ति एके पटनायक और न्यायमूर्ति जेएस खेहर की खंडपीठ ने कहा कि पेशे से डेंटिस्ट नूपुर ट्रायल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के बाद जमानत के लिए आवदेन कर सकती हैं.

नूपुर और उनके पति राजेश तलवार के खिलाफ उनकी बेटी आरूषि और नौकर हेमराज की हत्या के मामले में मुकदमा चल रहा है.

कोई राहत नहीं

वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने अदालत से आग्रह किया कि नूपुर को जमानत दी जाए या उनकी जनामत याचिका पर विचार किया जाए क्योंकि उन्हें आत्मसमर्पण करने के बाद गिरफ्तारी का डर है.

इस पर कोई ध्यान दिए बिना अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता को औपचारिकताओं के मुताबिक चलना होगा. खंडपीठ ने कहा कि नूपुर के पति को भी तो ट्रायल कोर्ट से जमानत मिल चुकी है.

इससे पहले बुधवार को सीबीई ने आरोप लगाया कि नूपुर तलवार विभिन्न अदालतों में याचिकाएं दायर करके मामले को लटकाना चाह रही हैं. इसीलिए जांच एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट से नुपूर की पुनर्विचार याचिका को खारिज करने का आग्रह किया.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के फैसले में निचली अदालत के उस निर्देश को बरकार रखा जिसमें नूपुर और राजेश तलवार को आरूषि हत्याकांड से जुड़े मुकदमे में अदालत में हाजिर होने को कहा गया है. इसी फैसले पर फिर से विचार करने के लिए नूपुर ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दी,

14 वर्षीया आरूषि का शव मई 2008 में नोएडा में उनके बेडरूम में मिला था. इसके अगले दिन उनके नौकर हेमराज की लाश उनके घर की छत पर बरामद की गई.

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