वार्ताकार पहुँचे नक्सलियों के गढ़, होगी बातचीत

इमेज कॉपीरइट facebook

माओवादियों के बंद के आव्हान के बीच छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के वार्ताकार बातचीत के लिए ताड़मेटला पहुँच गए हैं

यहाँ वे सुकमा से अगवा किए गए कलेक्टर ऐलेक्स पॉल मेनन की रिहाई और नक्सलियों द्वारा सरकार के समक्ष रखी गई शर्तों पर चर्चा करेंगे.

दोनों वार्ताकार बीडी शर्मा और प्रोफेस्सर हरगोपाल हेलीकॉप्टर से पहले जगदलपुर पहुंचे फिर वहां से वह चिंतलनार के लिए रवाना हुए.

मगर बस्तर आने से पहले इन दोनों ने सुयोग्य मिश्र और निर्मला बुच से भी बातचीत की. सरकार ने सुयोग्य मिश्र और निर्मला बुच को अपनी ओर से वार्ताकार नियुक्त किया है.

जगदलपुर पहुंचकर बीडी शर्मा ने पूरे मामले पर ज्यादा कुछ कहने से इंकार करते हुए इतना कहा कि वह नक्सली नेताओं से मिलकर ही इस मामले पर कुछ बोलने की स्थिति में होंगे.

उन्होंने इस बात के संकेत दिए कि नक्सली नेताओं से बात करने के बाद वह सरकार तक उनकी बात पहुंचाएंगे.

इस बीच माओवादियों ने झारखण्ड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में दो दिनों के बंद का आव्हान किया. यह बंद भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमिटी ने रखा है. पुलिस का कहना है कि इस बारे में संगठन ने दंतेवाड़ा के बचेली और सुकमा के दोरनापाल के इलाके में पर्चे फेंके हैं.

पर्चे में कहा गया है कि यह बंद नक्सलियों के खिलाफ चल रहे आपरेशन ग्रीनहंट और आदिवासियों को कथित रूप से फर्जी मुक़दमों में फंसाए जाने के खिलाफ बुलाया गया है. माओवादियों के बंद के आव्हान से इलाके में दहशत का माहौल है.

सुरक्षा बलों और माओवादी छापामारों के बीच चल रहे संघर्ष की वजह से यह इलाका भारत में सबसे संवेदनशील माना जाता है जहाँ माओवादियों की समानांतर सरकार चलती.

बस्तर संभाग के इस इलाके में माओवादियों का ख़ासा आधार है और दक्षिणी इलाके का एक बड़ा इलाका इनके कब्जे में है.

संबंधित समाचार