सरकार और माओवादी वार्ताकारों में सहमति के संकेत

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Image caption मेनन वर्ष 2006 के बैच के आईएएस अधिकारी हैं और तमिलनाडू के रहने वाले हैं.

सुकमा जिले के कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन की रिहाई को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार और नक्सली वार्ताकारों के बीच सहमति के संकेत मिले हैं.

यह सहमति पांचवें दौर की बैठक के बाद बन पाई है जिसमें तय किया गया है कि सभी विचाराधीन नक्सली बंदियों के मामलों का पुनरवलोकन यानी रिव्यु करने के लिए एक उच्च-स्तरीय कमिटी बनाई जाएगी.

इस समिति की अध्यक्ष मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच होंगी. इस समिति में राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को भी शामिल किये जाने की बात भी कही जा रही है.

पांचवे दौर की बैठक के बाद सोमवार देर शाम चारों वार्ताकारों नें मीडिया को संबोधित कर इस बात की जानकारी दी है. बैठक में हुई सहमति के बाद एक मसौदा भी तैयार किया गया है.

इस सहमति के मसौदे पर चारों वार्ताकारों के अलावा सरकार के गृह सचिव एनके असवाल नें भी हस्ताक्षर किए हैं.

मेनन वर्ष 2006 के बैच के आईएएस अधिकारी हैं और तमिलनाडू के रहने वाले हैं.

अभी भी कई पेंच

मसौदा काफी लम्बा है और इसका विस्तृत विवरण तत्काल नहीं मिल पाया है.

सरकार के सूत्रों का कहना है कि इस मसौदे के साथ एक बार फिर माओवादियों से बातचीत की जाएगी और इसपर उनकी सहमति ली जाएगी.

इस मामले में अब भी कई पेंच हैं क्यों कि सब कुछ माओवादियों की सहमति पर निर्भर करेगा. हालांकि यह उम्मीद जताई जा रही है कि माओवादी इस मसौदे पर अपनी सहमती दे देंगे.

मुख्यमंत्री का आश्वासन

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि माओवादियों के वार्ताकार ब्रह्मदेव शर्मा और प्रो हरगोपाल मसौदा लेकर माओवादी नेताओं के पास एक बार फिर जाएंगे या नहीं या इसकी जानकारी उन्हें टेलीफोन के ज़रिये देंगे.

इस मसौदे पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा है कि कलेक्टर के रिहा किए जाने के एक घंटे में ही सरकार कमेटी का गठन कर देगी.

उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और इसके अलावा और भी मुद्दो पर चर्चा की जा सकती है.

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