रामदेव के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव

रामदेव
Image caption कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं ने रामदेव के बयान की आलोचना की है.

सांसदों के खिलाफ विवादास्पद बयान देने पर समाजवादी पार्टी ने बाबा रामदेव के खिलाफ संसद में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव रखा है.

समाचार एजंसी पीटीआई के अनुसार समाजवादी पार्टी के सांसद शैलेंद्र कुमार ने रामदेव का नाम लिए बगैर कहा कि सांसदों के खिलाफ बयानबाजी की जा रही है जिससे संसद की गरिमा को नुकसान पहुंचा है.

भ्रष्टाचार के खिलाफ छत्तीसगढ़ के दुर्ग भिलाई से अपना अभियान शुरू करने से पहले रामदेव ने एक बयान में सांसदों को 'जाहिल, लुटेरा और हत्यारा' कहा था.

धार्मिक चैनल 'आस्था' पर योग के एक कार्यक्रम में बाबा रामदेव ने कहा कि, ''इस देश के नागरिक होने के नाते हमें संसद को सुधारने का दायित्व उठाना चाहिए, जहां अनपढ़ ही नहीं हत्यारे भी सत्ता का लाभ उठा रहें है.''

रामदेव के इस बयान पर राजनीतिक गलियारों में उनकी तीखी आलोचना हो रही है. लगभग सभी राजनीतिक दलों के सांसदों ने रामदेव के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की है.

प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के नेता मोहन सिंह ने कहा, “एक संत की भाषा कभी ऐसी नहीं होती, मै प्रार्थना करता हूं कि उनकी वेशभूषा के साथ उनकी भाषा भी ठीक हो जाए."

वामपंथी दल सीपीआई के सांसद डी राजा ने कहा, ''हम इसकी निंदा करते है, रामदेव को पता नहीं कि सांसद कैसे चुने जाते है. उन्हें इस तरह के गैरजिम्मेदार बयान नहीं देने चाहिए.''

इससे पहले कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं ने रामदेव के बयान की आलोचना की.

आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव ने रामदेव पर चुटकी लेते हुए कहा, ''रामदेव पागल हो गए है. वो निराश है और उन्हे अपने दिमाग की जांच करानी चाहिए.''

इससे पहले टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने भी सांसदों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया था. इस मामले में उनके खिलाफ भी संसद में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया गया था.

पिछले साल टीम अन्ना के मंच पर सांसदों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देकर अभिनेता ओम पुरी भी विवादों के घेरे में पड़े थे. अपने बयान पर उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी.

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