जम्मू के पास चरमपंथी हमला, जवान की मौत

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर हुए धमाके की जिम्मेदारी एक चरमपंथी गुट ने स्वीकार की थी

पिछले साल दिल्ली हाईकोर्ट में हुए बम धमाके के संदिग्ध हमलावरों की तलाश कर रही एक सैनिक टुकड़ी पर भारतीय कश्मीर में हमला हुआ है जिसमें एक सैनिक की मौत हो गई है.

सैन्य अधिकारियों के अनुसार एक ऊँची पहाड़ी पर बैठे चरमपंथियों ने इस सैनिक दल पर बुधवार देर रात श्रीनगर से 280 किलोमीटर दूर किश्तवार में घात लगाकर हमला कर दिया.

अधिकारियों के अनुसार हमले में एक सैनिक नूर हुसैन की मौत हो गई. वो चरमपंथियों का सामना करने के लिए स्थानीय लोगों से बनाई गई सैन्य टुकड़ी टेरिटोरियल आर्मी का सैनिक था.

पहाड़ियों और जंगलों से घिरी चेनाब घाटी के कई जिलों के दो सौ से अधिक युवा भारतीय सेना की इस टुकड़ी में भर्ती हुए हैं.

किश्तवार के आस-पास के इलाके में पिछले चार महीने से दिल्ली हाईकोर्ट में धमाका करनेवाले संदिग्ध लोगों का पता लगाने के लिए खोजी अभियान चल रहा है.

धमाके की जिम्मेदारी स्वीकार करनेवाला एक चरमपंथी गुट का ईमेल किश्तवार से ही भेजा गया था.

भारतीय सुरक्षाबलों ने अभी तक इस सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि तीन अन्य की तलाश हो रही है. इस बारे में कोई भी सूचना देने के लिए इनाम देने की पेशकश की गई है.

पिछले साल सितंबर में दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर हुए एक धमाके में 15 लोग मारे गए थे.

हमला

सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि सेना को इस इलाके में दिल्ली धमाके से जुड़े एक बड़े चरमपंथी के होने की खुफिया जानकारी मिली थी.

अधिकारी ने कहा,"हमें सूचना मिली कि इस इलाके में हिज़्बुल मुजाहिदीन का प्रमुख जहाँगीर सुरूरी, एक बैठक करने जा रहा है.

"इसके बाद टेरिटोरियर आर्मी की एक टुकड़ी को अभियान पर भेजा गया मगर चरमपंथियों ने ऊँचाई का फायदा उठाकर घात लगाकर हमारे जवानों पर हमला कर दिया."

अधिकारी ने कहा कि मारा गया जवान नूर हुसैन एक योग्य सैनिक था जिसे चरमपंथ विरोधी अभियानों में उसकी भूमिका के लिए सेना मेडल दिया गया था.

नूर हुसैन का अंतिम संस्कार उसके गाँव रकना में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया.

पुलिस सूत्रों के अनुसार दिल्ली धमाकों के जिम्मेदारों को पकड़ने के लिए राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) के अभियान के चलाए जाने के बाद से इस तरह के हमलों में कम-से-कम चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हो चुकी है.

संबंधित समाचार