लिंग परिवर्तन के लिए जान देने को तैयार बिधान बरूआ

Image caption बिधान बरुआ अपने परिजनों से काफी नाराज हैं

बिधान बरुआ पुरुष हैं, लेकिन उनकी भावनाएं महिलाओं वाली हैं. इसलिए वो लड़का से लड़की बनना चाहते हैं लेकिन इसमें कई बाधाएं आ रही हैं.

पहले तो उन्हें अपने परिवार के विरोध का सामना है और फिर समाज के विरोध का. वो अदालत भी गए लेकिन इंसाफ का उन्हें अब भी इंतजार है.

बीबीसी हिंदी से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर उन्हें अदालत से राहत नहीं मिली, तो वो अपनी जान देना पसंद करेंगे.

मुंबई में असम से आकर रह रहे 21 वर्षीय बिधान बरुआ पारिवारिक विरोध और सामजिक दखलंदाजी से इतना तंग आ चुके हैं कि वे अपनी जान देने की बात कर रहे हैं.

ऐसा उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों से एक पत्र में कहा है.

जरूरत

बीबीसी हिंदी के साथ बातचीत में बरुआ ने कहा, "मेरे पास लिंग ऑपरेशन के लिए पैसे जमा हैं, लेकिन अब वो ख़त्म हो रहे हैं. मैं पिछले एक महीने से मुंबई में रह रहा हूँ. मुझे पैसों की अब जरुरत पड़ेगी और कमाई का कोई साधन नहीं."

बिधान बरुआ कहते हैं कि बचपन से ही उनकी सारी भावनाएँ लड़कियों वाली हैं और इसलिए वो अपना सेक्स परिवर्तन चाहते हैं.

ऑपरेशन पिछले ही महीने तय था, लेकिन उनके परिवार ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया. बरुआ ने इसके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है. लेकिन अदालत से वे निराश नजर आते हैं.

उन्होंने बताया, "मेरा केस कोई बड़ा केस नहीं है इसलिए इसे ताल दिया जाता है."

इंसाफ

वे कहते हैं कि वो अपने अधिकार के लिए लड़ रहे हैं. अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिला, तो क्या वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे?

उनका कहना था, "मेरे पास पैसे नहीं हैं कि मैं सुप्रीम कोर्ट तक जाऊं. लेकिन अदालत से इंसाफ नहीं मिला तो मैं अपनी जान लेना पसंद करूंगा."

उनके माता-पिता अब भी लिंग परिवर्तन का कड़ा विरोध कर रहे हैं. उनसे संपर्क करने की कोशिश सफल नहीं रही.

आखिर में जब उनसे पूछा गया कि ऑपरेशन के बाद अब क्या मिस कहलाना पसंद करेंगे? वो शर्माए, जोर से हँसे और कहा- हाँ.

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