आमिर खान का सत्यमेव जयते दिल पे तो लगा लेकिन क्या बात बनेगी?

 रविवार, 6 मई, 2012 को 13:00 IST तक के समाचार
आमिर खान

आमिर खान का ये पहला टीवी शो है

रविवार सुबह मेरा समाचार के अलावा टीवी देखना लगभग खत्म हो चुका, शायद रामायण और महाभारत के जमाने के बाद से ही. ये वो सीरियल थे जिनके बारे में कहा जाता था कि जब दिखाए जाते थे तो जैसे कर्फ्यू लग जाता था. सभी लोग घरों में बंद टीवी स्क्रीन के सामने चिपके होते थे.

क्या कोई सीरियल ऐसा दोहरा पाएगा ये कहना मुश्किल है, लेकिन रविवार सुबह एक नए टीवी शो ने लोगों का ध्यान फिर खींचा. आमिर खान सुपर स्टार हैं, बेहद लोकप्रिय हैं और मीडिया का इस्तेमाल करना भी जानते हैं.

पिछले कुछ दिनों से वो लगभग हर चैनल और अखबार में इंटरव्यू दे रहे थे टीवी पर अपने पहले शो सत्यमेव जयते के लिए.

पहली कड़ी में आमिर खान ने मुद्दा उठाया कन्या भ्रूण हत्या का. केस स्टडी के जरिए कुछ दर्दनाक कहानियां बताई गई जो हमारे समाज के कुरूप चेहरे को उजागर करती हैं.

कन्या भ्रूण हत्या के बारे में कुछ चौंका देने वाली नई बात तो सामने नहीं आई लेकिन एक जरूरी बहस को उन्होंने जरूर आगे बढ़ाया है.

कई सवाल ऐसे भी उठाए गए जिसे शायद आम आदमी अनजान है. जैसे कन्या भ्रूण हत्या में डॉक्टरों का रैकेट कितना बड़ा है और बकौल शो अल्ट्रासाउंड मशीनों का व्यवसाय दो-तीन हजार करोड़ तक का हो सकता है.

आमिर खान आंकड़ों के अनुसार बताते हैं कि पिछले तीस -चालीस साल में तीन करोड़ कन्या भ्रूण हत्या हुई है.

गंभीर शो

सत्यमेव जयते एक गंभीर टीवी शो के रूप में नजर आया है. उस समस्या पर उन्होंने कड़वी सच्चाई से लोगों के दिलों पर सुई चुभोने की पुरजोर कोशिश की. शो में सेट पर भी मौजूद दर्शकों को अपने आंसू पोंछते का शॉट कई बार दिखाया गया.

वैसे इस गंभीर शो में एकमात्र हल्का समय उस वक्त आया जब एक पैंतीस साल के व्यक्ति जिसकी शादी नहीं हुई है उसने आमिर से पूछा कि सलमान खान को लड़की क्यों नहीं मिल रही?

आमिर खान शो में न सिर्फ मर्ज बताते हैं लेकिन कहते हैं कि वो तस्वीर बदलता देखना भी चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने दुष्यंत का दो शेर भी पढ़े.

इसके लिए वो अधिकारियों को और सरकार को चिट्ठी लिखेंगे जिसमें उन्होंने लोगों से जुड़ने की अपील भी की.

जहां तक शो के विषय वस्तु का सवाल है, इसमें कोई दो राय नहीं की आमिर खान ने एक गंभीर समस्या पर रोशनी डाली है.

आमिर खान अक्सर कहते हैं कि सबसे पहले वो एक एंटरटेनर हैं यानी मनोरंजन करने वाले हैं. क्या सत्यमेव जयते जैसा शो मनोरंजन के लिए बना है?

विषय वस्तु जरूर गंभीर है, लेकिन ये दर्शकों को कब तक बांधे रख पाएगा? टीवी सीरियल का पहला हफ्ता उत्सुकता का भी होता है, इसके बाद उन्हें खींचान पहले से बी मुश्किल होगा.

अभी फिलहाल नंबर तो नहीं आए होंगे लेकिन जितने दोस्तों से बात की और सोशल मीडिया पर जो चलन देखा, ये शो काफी देखा गया होगा ऐसा लग रहा है.

शो के प्रोमो में आमिर कहते हैं कि दिल को चुभेगी तभी बात बनेगी. सत्यमेव जयते की पहली कड़ी दिल को तो छू गई है लेकिन बात बनेगी या नही, ये अभी देखना बाकी है.

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