हिलेरी और ममता की बातचीत

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Image caption हिलेरी क्लिंटन ममता बनर्जी के साथ खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश का मुद्दा उठा सकती हैं.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंच गई हैं, जहां वे राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश का मुद्दा उठा सकती हैं.

ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार की खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश संबंधी नीति का विरोध किया था जिसके बाद इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था.

विदेश मामलों की जानकार ज्योति मल्होत्रा कहती हैं कि हिलेरी क्लिंटन का पहले दिल्ली न आकर कोलकाता जाना और ममता बैनर्जी से मिलना कोई हैरानी की बात नहीं है.

ज्योति मल्होत्रा ने बीबीसी को बताया, "ये कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन ये जरूर है कि ममता बैनर्जी यूपीए सरकार की एक बहुत बड़ी नेता हैं और विभिन्न मुद्दों पर उनके अपने विचार हैं. शायद क्लिंटन उनसे मुलाकात करना चाहती हैं, खासकर खुदरा क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश वाले मामले में जिसका ममता बैनर्जी विरोध करती रही हैं. तो शायद हिलेरी क्लिंटन की तरफ से ये सोच है कि राज्यों के जो नेता उभर कर आ रहे हैं उनसे मिले, उनके साथ रिश्ता बनाए और उनकी सोच को समझे. "

सोमवार को हिलेरी क्लिंटन दिल्ली पहुंचेंगी जहां वे परमाणु ऊर्जा, आर्थिक सुधारों और ईरान से भारत के तेल आयात जैसे विषयों पर बातचीत कर सकती हैं.

हिलेरी क्लिंटन दूसरी बार कोलकाता पहुंची हैं. इससे पहले साल 1997 में मदर टेरेसा के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए वो कोलकाता आईं थीं. वे तीन दिनों तक भारत में रहेंगी.

अमरीकी विदेश मंत्री तीन एशियाई देशों के दौरे के आखिरी चरण में भारत पहुंची हैं. चीन की यात्रा के बाद वे बांग्लादेश पहुंची थीं जहां से वो रविवार को भारत आई हैं.

तीस्ता और खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश

ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि हिलेरी क्लिंटन ममता बनर्जी के साथ मुलाकात के दौरान भारत-बांग्लादेश तीस्ता जल संधि का मुद्दा भी उठा सकती हैं.

ममता बनर्जी इस जल संधि का विरोध करती रही हैं.

कोलकाता में बीबीसी संवाददाता अमिताभ भट्टासाली का कहना है कि अमरीकी विदेश मंत्री और मुख्य मंत्री की इस अहम बैठक से पहले मुख्यमंत्री कार्यालय, राइटर्स बिल्डिंग, एक किले में तब्दील कर दिया है.

कोलकाता के बाद हिलेरी क्लिंटन दिल्ली पहुंचेगीं जहां वो विदेश मंत्री एसएम कृष्णा और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अलावा और कई नेताओं से मुलाकात करेंगीं.

इन मुलाकातों के दौरान ईरान से भारत आने वाले कच्चे तेल का मुद्दा भी उठ सकता है.

ज्योति मल्होत्रा का कहना है कि ईरान के मामले में भारत अपना पक्ष रखेगा. वो कहती हैं, "हिलेरी क्लिंटन ने अमरीकी कांग्रेस को ये समझाने की कोशिश की है कि भारत अमरीका का बहुत अहम दोस्त है और दोंनो के बीच बन रही साझेदारी को देखते हुए भारत के खिलाफ कोई ऐसा कदम नहीं उठाया जाए जिससे भारत नाराज हो जाए. साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि पर्दे के पीछे भारत ईरान से तेल के आयात को कम करने की पूरी कोशिश कर रहा है. इसलिए मैं मानती हूं कि इस मुद्दे पर दोंनो देशों के बीच अच्छी बातचीत होगी."

अमरीका ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे हैं और वो भारत से भी ईरान से कच्चे तेल के आयात को सीमित करने के लिए कहता रहा है.

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