चरमपंथ का गढ़ न बने पाकिस्तान: हिलेरी

 मंगलवार, 8 मई, 2012 को 12:52 IST तक के समाचार
हिलेरी-कृष्णा

हिलेरी ने कहा है कि पाकिस्तान हाफिज सईद की गिरफ्तारी में लचर रवैया अपना रहा है.

अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि पाकिस्तान को अपनी जमीन का प्रयोग चरमपंथ के लिए किए जाने से रोकना होगा.

भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के साथ दिल्ली में बैठक के बाद हिलेरी ने कहा, “पाकिस्तान खुद चरमपंथ से काफी नुकसान उठा रहा है. चरमपंथी हिंसा में पाकिस्तान में 30,000 से अधिक लोग मारे गए है. चरमपंथी गतिविधियां रोकने की दिशा में हम पाकिस्तान से और सहयोग की उम्मीद करते है.”

साल 2008 में मुंबई पर हुए चरमपंथी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज़ सईद की गिरफ्तारी के मामले में हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि पाकिस्तान सईद को गिरफ्तार करने में ढुलमुल रवैया अपना रहा है.

अपने पहले दिए बयान को दोहराते हुए हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि अमरीका ने हाफीज सईद के खिलाफ सबूत के लिए एक करोड़ डॉलर का ईनाम रखा है.

उन्होंने कहा, “साल 2008 में मुंबई पर हुए हमले में छह अमरीकी समेत कुल 166 लोग मारे गए थे. अमरीका ने हाफिज सईद के खिलाफ सबूत जुटाने पर ईनाम रखा है जिसका मकसद लोगों को न्याय दिलाना है.”

"साल 2008 में मुंबई पर हुए हमले में छह अमरीकी समेत कुल 166 लोग मारे गए थे. अमरीका ने हाफिज सईद के खिलाफ सबूत जुटाने पर ईनाम रखा है जिसका मकसद लोगों को न्याय दिलाना है."

हिलेरी क्लिंटन

सईद की गिरफ्तारी के मामले में भारत और पाकिस्तान के बीच पहले तल्खियां है. भारत का आरोप है कि हाफिज सईद के मुंबई हमलों में शामिल होने के सबूत पाकिस्तान को दिए जाने के बावजूद उसने सईद के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाए.

'ईरान पर गतिरोध नहीं'

हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ईरान पर दबाव कायम रखना होगा ताकि वो चर्चा के लिए आगे आए.

उन्होंने अब तक इस दिशा में भारत की तरफ से उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि, “भारत और अमरीका दोनों चाहते है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाए. इस मुद्दे को शातिंपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए ईरान को चर्चा के लिए राजी करना होगा.”

इसी मुद्दे पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा, “भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए ईरान भारत का एक अहम सहभागी है. लेकिन हमें खाड़ी देशों की सुरक्षा की भी चिंता है. हमने ईरान से तेल आयात कम किया है. इस मुद्दे को लेकर भारत और अमरीका के बीच कोई गतिरोध नहीं है.”

हिलेरी ने भारत के साथ रक्षा संबंधी मामलों में भी सहभागिता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया.

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