एक्सॉन वाल्डेज पर सुप्रीम कोर्ट का प्रतिबंध

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Image caption एक्सॉन वाल्डेज को एक भारतीय कंपनी मूल की कंपनी ने हाल ही में हॉंगकॉंग में खरीदा

सुप्रीम कोर्ट ने तेल ढोने वाले बड़े समुद्री जहाज एक्सॉन वाल्डेज के भारतीय जल सीमा में रहने पर पाबंदी लगा दी है. खराब हो चुके एक्सॉन वाल्डेज तेल रिसने के एक बड़े हादसे में शामिल रह चुका है.

अब ‘ऑरियंटल नाइसटी’ के नाम से जाना जाने वाला पुराना एक्सॉन वाल्डेज जहाज तोड़े जाने के लिए पिछले सप्ताह भारतीय सीमा में घुसा और गुजरात के कबाड़खानों की तरफ बढ़ रहा था.

अदालत का कहना था कि जब तक जहाज प्रदूषण मुक्त ना हो जाए तब तक उस पर प्रतिबंध लागू रहेगा.

दुर्घटना

एक्सॉन वाल्डेज आलास्का में साल 1989 में जमीन से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस हादसे में कुल एक करोड़ एक लाख गैलन कच्चा तेल पानी में ही बह गया, जिससे समुद्री प्रकृति को भारी नुकसान पहुंचा.

अमरीकी अधिकारियों के अनुसार इस हादसे में प्रिंस विलियम साउंड का करीब 1300 मील लंबा तट प्रदूषित हो गया. तेल के पानी में बह जाने से हजारों पक्षियों और समुद्री जीवों की मौत हो गई थी.

एक्सॉन वाल्डेज को एक भारतीय कंपनी मूल की कंपनी ने हाल ही में हॉंगकॉंग में खरीदा और इसे गुजरात के अलंग में लाकर तोड़ा जाना था.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार जहाज तोड़ने की कंपनी प्रतिबंध के खिलाफ अपील करने पर विचार कर रही है.

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