बातचीत को तैयार हड़ताली पायलट

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एयर इंडिया के हड़ताली पायलटों का कहना है कि वे मौजूदा गतिरोध को दूर करने के लिए बिना शर्त बातचीत के लिए तैयार हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इंडियन पायलट्स गिल्ड के नेता तौसीफ मुकद्दम ने शनिवार दोपहर मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, ''गेंद सरकार के पाले में है. एयर इंडिया प्रबंधन सरकार को सही तस्वीर नहीं बता रहा है.''

इस बीच केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री अजित सिंह ने अपने मंत्रालय के पूर्व मंत्री शरद यादव, राजीव प्रताप रूडी और शहनवाज हुसैन को इस पूरे मामले पर विचार-विमर्श के लिए आमंत्रित किया है.

राजीव प्रताप रूडी ने इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन करने का संकेत दिया है. उन्होंने कहा है, ''एयर इंडिया के पायलट जो तर्क दे रहे हैं, वो अजीब है. कोई सरकार उनका समर्थन नहीं करेगी.''

इससे पहले, हड़ताली पायलटों का समर्थन करते करते हुए वरिष्ठ पायलटों ने एयर इंडिया के प्रबंध निदेशक और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर कहा कि पायलटों की मांग वाजिब हैं और उन पर विचार किया जाना चाहिए.

दूसरी ओर एयर इंडिया के एक प्रवक्ता का कहना है कि दिल्ली और मुंबई से 16 उड़ानों को रद्द करना पड़ा है.

अब तक 71 पायलट बर्खास्त

इंडियन पायलट्स गिल्ड के बैनर तले एयर इंडिया के लगभग 200 पायलट मंगलवार से हड़ताल पर हैं. वे ड्रीमलाइनर विमानों को उड़ाने के प्रशिक्षण और पदोन्नति संबंधी मुद्दों को लेकर हड़ताल पर हैं.

एयर इंडिया प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाते हुए शुक्रवार को 25 पायलटों को बर्खास्त कर दिया था. इसके साथ ही बर्खास्त किए गए पायलटों की संख्या बढ़कर 71 हो गई है.

एयर इंडिया ने नागरिक विमानन महानिदेशालय को भी लिखा है कि वो इंडियन पायलट्स गिल्ड के 11 पदाधिकारियों के लाइसेंस रद्द कर दें जिनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं.

इंडियन पायलट्स गिल्ड का कहना है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं और इसके लिए उन्होंने केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री अजित सिंह से वक्त मांगा है.

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