एयर इंडिया संकट बरकरार, यात्री परेशान

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Image caption एयर इंडिया की 20 उडानें रविवार को रद्द हुई हैं

पायलटों और एयर इंडिया प्रबंधन के बीच तकरार छठे दिन में प्रवेश कर गई है.

एयर इंडिया के पायलटों के छुट्टी पर जाने के कारण रविवार को कम से कम 20 उड़ाने रद्द करनी पड़ी हैं. इनमें से 10 उड़ानें दिल्ली से और चार मुंबई से थी.

हड़ताल के छठे दिन भी जारी रहने से यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने एयर इंडिया के एक अधिकारी के हवाले से बताया, "पायलट काम पर नहीं आए हैं. हमें दिल्ली और मुंबई से 20 उड़ानें रद्द करनी पड़ी है."

उड़ानें के रद्द होने से सैकड़ों यात्री सफर नहीं कर पाए हैं. मुसाफिरों का कहना है कि एयर इंडिया ने उड़ाने रद्द होने के बाद किराए का पसा वापस नहीं किया है.

इससे पहले शनिवार को डीजीसीए ने इंडियन पायलट गिल्ड के 11 अधिकारियों को नोटिस जारी किया था.

एयर इंडिया के हड़ताली पायलटों का कहना है कि वे मौजूदा गतिरोध को दूर करने के लिए बिना शर्त बातचीत के लिए तैयार हैं.

इंडियन पायलट्स गिल्ड के नेता तौसीफ मुकद्दम ने शनिवार दोपहर मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, ''गेंद सरकार के पाले में है. एयर इंडिया प्रबंधन सरकार को सही तस्वीर नहीं बता रहा है.''

इस बीच केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री अजित सिंह ने अपने मंत्रालय के पूर्व मंत्री शरद यादव, राजीव प्रताप रूडी और शहनवाज हुसैन को इस पूरे मामले पर विचार-विमर्श के लिए आमंत्रित किया है.

समर्थन

राजीव प्रताप रूडी ने इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन करने का संकेत दिया है. उन्होंने कहा है, ''एयर इंडिया के पायलट जो तर्क दे रहे हैं, वो अजीब है. कोई सरकार उनका समर्थन नहीं करेगी.''

इससे पहले, हड़ताली पायलटों का समर्थन करते करते हुए वरिष्ठ पायलटों ने एयर इंडिया के प्रबंध निदेशक और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर कहा कि पायलटों की मांग वाजिब हैं और उन पर विचार किया जाना चाहिए.

इंडियन पायलट्स गिल्ड के बैनर तले एयर इंडिया के लगभग 200 पायलट मंगलवार से छुट्टी पर हैं. वे ड्रीमलाइनर विमानों को उड़ाने के प्रशिक्षण और पदोन्नति संबंधी मुद्दों को लेकर छुट्टी पर हैं.

एयर इंडिया प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाते हुए शुक्रवार को 25 पायलटों को बर्खास्त कर दिया था. इसके साथ ही बर्खास्त किए गए पायलटों की संख्या बढ़कर 71 हो गई है

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