नाराज येदियुरप्पा ने सोनिया को सराहा

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption येदियुरप्पा को पिछले साल जुलाई में लोकायुक्त की रिपोर्ट के बाद इस्तीफा देना पड़ा था

कर्नाटक में सत्ताधारी बीजेपी में छिड़े अंदरूनी सत्ता संघर्ष के बीच पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की प्रशंसा कर पार्टी आलाकमान को एक तरह से चुनौती दे डाली है.

उन्होंने एक ओर जहाँ विपक्षी नेता की प्रशंसा की है वहीं दूसरी तरफ अपनी पार्टी के नेताओं के तौर-तरीके पर तीखी टिप्पणियाँ करते हुए कहा है कि वे आलाकमान के रवैये से आहत हैं.

उन्होंने अपने उत्तराधिकारी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा पर भी हमला करते हुए उन्हें विश्वासघाती कह डाला है.

येदियुरप्पा का कहना है कि सदानंद गौड़ा को छह महीने के भीतर अपनी गद्दी छोड़ देनी चाहिए थी ताकि वे दोबारा मुख्यमंत्री बन सकें.

येदियुरप्पा को पिछले साल जुलाई में अवैध खदानों के बारे में लोकायुक्त की एक रिपोर्ट आने के बाद इस्तीफ़ा देना पड़ा था जिसमें कि उनको दोषी ठहराया गया था.

अब दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में सीबीआई जाँच का निर्देश दिया है जिससे येदियुरप्पा नाराज हैं.

इसके बाद से ही कर्नाटक में बीजेपी का अंदरूनी संकट एक बार फिर सतह पर आ गया है और गौड़ा सरकार के नौ मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है.

प्रशंसा और आलोचना

येदियुरप्पा ने बंगलौर में एक सभा में कहा कि वे सोनिया गांधी की प्रशंसा करना चाहते हैं.

उन्होंने कहा,"मैंने देखा है कि कांग्रेस और उसके नेता एकजुट रहते हैं और किसी पार्टी सदस्य पर संकट आता है तो वे उसकी मदद करते हैं और समस्याओं को सुलझाते हैं."

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अपनी पार्टी के नेताओं के व्यवहार की तुलना कांग्रेस से करते हुए अपने नेताओं की आलोचना की.

येदियुरप्पा ने कहा,"कांग्रेस में जब किसी बड़े नेता पर आरोप लगते हैं तो पार्टी उनको बचाने सामने आती है और कहती है कि कानून अपना काम करेगा.

"मगर बीजेपी में लोग प्रतीक्षा करते हैं कि कोई कब संकट में फँसे और फिर उसे किनारे किया जाए. यहाँ लोग दूसरे की कुर्सी छीनकर उसपर खुद बैठने का प्रयास भी करते हैं."

उन्होंने कहा कि वे पार्टी के नेताओं के व्यवहार से बहुत आहत हैं और उन्हें विश्वास है कि वे अपने ऊपर लगे आरोपों से बेदाग बाहर आ जाएँगे.

राजनीतिक संकट

येदियुरप्पा को पिछले साल लोकायुक्त की रिपोर्ट के बाद गद्दी छोड़नी पड़ी थी.

बाद में राज्यपाल की अनुमति के बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई जिसे उन्होंने अदालत में चुनौती दी.

मार्च में कर्नाटक हाईकोर्ट ने येदुरप्पा की चुनौती पर सुनवाई करते हुए प्राथमिकी को निरस्त कर दिया.

इसके बाद से येदुरप्पा पद पर अपनी वापसी के प्रयास करते रहे हैं. पिछले सप्ताह उन्होंने पार्टी के कुछ विधायकों की विधायक दल की आपात बैठक बुलाए जाने की माँग का समर्थन किया.

मगर गत शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने येदुरप्पा के खिलाफ सीबीआई जाँच का आदेश दिया और एजेंसी से तीन अगस्त तक रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा.

इसके एक दिन बाद येदुरप्पा ने दावा किया कि कर्नाटक के नौ मंत्रियों और 15 विधायकों ने उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया है और सोमवार को कई और लोग इस्तीफे देंगे.

225 सीटों वाली कर्नाटक विधानसभा में बीजेपी के 120 विधायक हैं. येदुरप्पा का दावा है कि नौ मंत्री और 45 विधायक उनके साथ हैं.

येदियुरप्पा ने कहा,"ये बात सही है कि कुछ मंत्रियों और विधायकों ने अपने इस्तीफे मुझे सौंपे हैं. वे मुख्यमंत्री द्रारा अपने साथ किए गए व्यवहार से नाराज हैं."

संबंधित समाचार