एनडी तिवारी दो दिन में डीएनए टेस्ट कराएं: हाई कोर्ट

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Image caption एनडी तिवारी की मुश्किलें इस मामले में लगातार बढ़ रही हैं

दिल्ली हाई कोर्ट ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता नारायण दत्त तिवारी को पितृत्व से जुड़े विवाद के सिलसिले में डीएनए जांच के लिए अपने खून का नमूना दिए बिना देश न छोड़ने का निर्देश दिया है.

अदालत ने उन्हें दो दिन के भीतर ये बताने को भी कहा है कि वो स्वेच्छा से जांच के लिए अपने खून का नमूना देंगे या इस काम में पुलिस की मदद ली जाए.

यह मामला रोहित शेखर नाम के एक युवक से जुड़ा है जो एनडी तिवारी को अपना पिता बताते हैं.

शेखर का कहना है कि एनडी तिवारी के उनकी मां उज्ज्वला शर्मा के साथ गहरे ताल्लुकात थे और उन्होंने उनकी मां से शादी करने का वादा किया था जिससे वो बाद में मुकर गए.

दावा

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी रोहित शेखर के दावों को गलत बताते रहे हैं.

पिछले महीने दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें डीएनए टेस्ट के लिए अपने खून का नमूना देने का आदेश दिया था.

अदालत का मानना है कि इस मामले में डीएनए जांच से ही इंसाफ किया जा सकता है.

हाई कोर्ट ने 27 अप्रैल को अपने फैसले में कहा कि अगर एनडी तिवारी डीएनए टेस्ट के लिए खून का नमूना देने से इनकार करते हैं तो इस काम में पुलिस की मदद ली जा सकती है.

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