पूर्व दूर संचार मंत्री ए राजा जेल से रिहा

 मंगलवार, 15 मई, 2012 को 14:02 IST तक के समाचार
ए राजा

अदालत ने सीबीआई के विरोध के बावजूद ए राजा की जमानत याचिका मंजूर की.

भारत के पूर्व दूर संचार मंत्री ए राजा को 2जी स्पेक्ट्रम के आवंटन के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने जमानत दे दी है.

तमिलनाडु के राजनीतिक दल और मनमोहन सिंह सरकार को समर्थन दे रहे दल डीएमके के सांसद ए राजा 2जी मामले में पिछले 15 महीनों से जेल में थे.

दूर संचार के स्पेक्ट्रम घोटाले में अभियुक्त 13 लोगों को पहले ही जमानत मिल चुकी थी. इस मामले में पूर्व दूर संचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा को हाल में ही जमानत मिली थी.

ए राजा के वकील ने इसी आधार पर पूर्व दूर संचार मंत्री को जमानत दिए जाने की याचिका दायर की थी.

अदालत ने पिछले हफ्ते इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था और फैसले कि लिए मंगलवार की तारीख तय की थी.

राजा ने वकील की दलील थी कि मामले में सीबीआई की जांच पूरी हो चुकी है और उन्हें अब जेल में रखने की जरूरत नहीं है.

जांच एजेंसी ने राजा को जमानत दिए जाने का विरोध किया था.

महा-घोटाला

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में कंपनियों को नीलामी की बजाए पहले आओ और पहले पाओ की नीति पर लाइसेंस दिए गए थे, जिसमें भारत के महालेखाकार और नियंत्रक के अनुसार सरकारी खजाने को 1.76 करोड़ रूपयों का नुकसान हुआ था.

आरोप था कि अगर लाइसेंस नीलामी के आधार पर होते तो खजाने को कम से कम 1.76 करोड़ रूपए और प्राप्त हो सकते थे.

हालांकि महालेखाकार के नुकसान के आंकड़ो पर कई तरह के आरोप थे लेकिन ये एक बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया था और मामले पर देश के सर्वोच्च न्यायालय में याचिका भी दाखिल किया गया था.

देश के घोटालों के लंबे इतिहास में सबसे बड़ा बताए जाने वाले इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय और तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर भी सवाल उठाए गए हैं.

बड़ी हस्तियां

इस मामले में ए राजा के अलावा मुख्य जांच एजेंसी सीबीआई ने सीधे-सीधे कई बड़ी और हस्तियों और कंपनियों पर मुख्य आरोप लगाए हैं.

पूर्व दूर संचार मंत्री पर आरोप था कि उन्होंने साल 2001 में तय की गई दरों पर स्पेक्ट्रम बेच दिया जिसमें उनकी पसंदीदा कंपनियों को तरजीह दी गई.

तमिलनाडू के पूर्व मुख्यमंत्री एम करूणाधि की बेटी कनिमोड़ी को भी मामले में जेल काटनी पड़ी थी और उन्हें बाद में जमानत मिली.

उनपर इलजाम है कि उन्होंने अपने टीवी चैनेल के लिए डीबी रियलटी के मालिक शाहिद बलवा से ली 200 करोड़ रुपयों का 'कर्ज' लिया. बाद में डीबी रियलटी को स्पेक्ट्रम लाइसेंस हासिल हुआ.

ए राजा के मंत्रित्व काल में दूरसंचार सचिव रहे सिद्धार्थ बेहुरा भी मंत्री के साथ मिलकर घोटाले में शामिल होने के आरोप में जेल गए थे.

इसके अलावा कई बड़ी कंपनियां और उनके अधिकारी भी जांच के दायरे में आए और उनमे से कई जेल में भी रहे.

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