अंगोला से लौटना नहीं चाहते भारतीय: रवि

वायलार रवि
Image caption वायलार रवि ने कहा कि भारतीय दूतावास स्थिति पर नजर रख रहा है

विदेश में रह रहे भारतीयों के मामलों के मंत्री वायलार रवि ने कहा है कि अफ्रीकी देश अंगोला में रह रहे लगभग 1000 भारतीयों में से अधिकतर भारत नहीं लौटना चाहते.

राज्यसभा में बुधवार को उन्होंने कहा कि सरकार ने इन भारतीय मजदूरों से कहा था कि वे अगर वापस आना चाहें तो सरकार इसका इंतजाम कर सकती है.

हाल में अंगोला के एक सीमेंट कारखाने में काम कर रहे कई भारतीय लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. वायलार रवि इसी मामले पर अपना बयान दे रहे थे.

उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास स्थिति पर नजर रख रहा है और मजदूरों के साथ साथ कंपनी से भी संपर्क में है. उन्होंने कहा कि वहां काम कर रहे भारतीय मजदूरों की संख्या लगभग 1000 है.

रवि ने कहा कि अप्रैल के महीने में इस कंपनी को कुछ भुगतान न मिलने पर उसने मजदूरों के ओवरटाइम को रोक दिया जो करीब 300 डॉलर प्रति माह बनता है.

फायरिंग में एक घायल

उन्होंने बताया, ''ओवरटाइम बंद होने के बाद मजदूर 16 अप्रैल से हड़ताल पर चले गए. दूतावास ने इसमें हस्तक्षेप करने का प्रयास किया लेकिन कोई हल नहीं निकला. नौ मई को पुलिस की फायरिंग में कर्नाटक के एक विनय कुमार घायल हुए जिनका इलाज चल रहा है जबकि 59 लोगों को गिरफ्तार किया गया.''

उन्होंने कहा कि इनमें से 22 लोग इस मामले में शामिल बताए जा रहे हैं जबकि अन्य को रिहा किया गया है.

उन्होंने कहा कि अंगोला के अधिकारियों के पास वीजा या काम के पर्मिट की मुहर लगाने के लिए 646 भारतीयों के पासपोर्ट पड़े हैं जो पिछले 15 महीनों से नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा, ''हमारे अधिकारी उनसे बात कर रहे हैं और पासपोर्ट वापस लेने का प्रयास कर रहे हैं.''

उन्होंने कहा कि हालांकि ये कंपनी अंगोला की राजधानी लुआंडा से 450 किलोमीटर दूर सुम्बे में है फिर भी भारतीय अधिकारी वहां स्थित पर नजर रखने के लिए मौजूद है.

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