हाई कोर्ट ने पायलट गिल्ड की याचिका खारिज की

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Image caption एयर इंडिया के पायलट पिछले दस दिन से हड़ताल पर हैं

दिल्ली हाई कोर्ट ने इंडियन पायलट्स गिल्ड की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें पायलटों की हड़ताल अवैध घोषित किए जाने के खिलाफ अपील की गई थी.

हाई कोर्ट ने अपने पुराने आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि हड़ताल के पहले यूनियन को नोटिस देना चाहिए था जो उन्होंने नहीं किया इसलिए हड़ताल अवैध ही मानी जाएगी.

इंडियन पायलट्स गिल्ड के अध्यक्ष जितेंद्र अवहाद ने एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में हाई कोर्ट के फैसले पर कोई बात नहीं की.

अवहाद का कहना था कि एयर इंडिया के प्रबंधन को बातचीत करनी चाहिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि दोनों पक्षों को बातचीत कर के मामले का निपटारा करना चाहिए.

यूनियनों की बैठक

एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल को दस दिन हो गए हैं और अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी पंजीकृत ट्रेड यूनियनों की अगले हफ्ते बैठक बुलाई है.

इस दौरान हर दिन अनेक अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को रद्द करना पड़ा है जिससे यात्री परेशान हैं और एयर इंडिया की छवि को खासा आघात पहुँचा है. लेकिन एयर इंडिया प्रबंधन और पायलटों के बीच गतिरोध जारी है और दोनो पक्ष अपने अपने रुख में लचीलापन लाने को तैयार नहीं है.

उल्लेखनीय है कि पायलटों की एक यूनियन - इंडियन पायलट गिल्ड को अवैध करार दिया जा चुका है और अगर बातचीत हुई तो उसे शायद ही इसमें शामिल किया जाए.

अधिकतर हड़ताली पायलट इसी यूनियन के सदस्य हैं.

मुद्दों पर चर्चा

नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने संवाददाताओं से कहा है कि वो बैठक में पायलटों के कैरियर से जुड़े मुद्दों पर बात करेंगे ताकि हड़ताल खत्म हो सके.

उनका कहना था, ‘‘मैने एयर इंडिया की सभी रजिस्टर्ड यूनियनों की बैठक बुलाई है ताकि कैरियर में आगे बढ़ने और प्रोमोशन से जुड़े मुद्दों पर बात की जा सके.’’

पायलटों की हड़ताल का मुख्य मुद्दा कैरियर और प्रमोशन को लेकर है क्योंकि एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के विलय के बाद भी दोनों कंपनियों के कई मुद्दे अनसुलझे ही रह गए हैं.

इस बैठक में धर्माधिकारी आयोग की सिफारिशों पर भी चर्चा हो सकती है जिसने विलय के बाद कंपनी के एकीकृत मानव संसाधन के बारे में कई सुझाव दिए थे.

उल्लेखनीय है कि इंडियन पायलट्स गिल्ड के 71 पायलटों को बर्खास्त किया जा चुका है और गिल्ड की मान्यता भी रद्द कर दी गई है. यह यूनियन मांग कर रही है कि उसकी मान्यता बहाल की जाए और सभी पायलटों को नौकरियों पर वापस बुलाया जाए.

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