ममता से सवाल करने वालों की जानकारी मांगी

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कोलकाता में एक टीवी चैनल के कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कड़े सवाल करने वाले लोगों के बारे में पुलिस ने जानकारी मांगी थी.

भारतीय समाचार चैनल सीएनएन-आईबीएन के इस कार्यक्रम का संचालन सागरिका घोष कर रही थी.

बीबीसी के साथ बातचीत में सागरिका घोष ने बताया कि जब सवालों से नाराज ममता बनर्जी कार्यक्रम छोड़कर गईं, तो वहाँ कोलकाता पुलिस के स्पेशल ब्रांच के अधिकारी पहुँच गए और उन लोगों के बारे में जानकारी मांगी, जो सवाल पूछ रहे थे.

इतना ही नहीं इन अधिकारियों ने कोलकाता स्थित टीवी चैनल के ऑफिस में फोन करके भी ये जानकारी मांगी. हालाँकि बाद में तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं होगी.

मामला

मामला एक टीवी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नाराजगी का है. नाराजगी इतनी कि वो कार्यक्रम छोड़कर चलती बनीं.

लेकिन इससे पहले उन्होंने उस कार्यक्रम में शामिल एक छात्रा को खूब खरी-खोटी सुनाई. मामला एक सवाल का था. वो सवाल, जो ममता बनर्जी से बार-बार पूछा जाता है.

भारतीय समाचार चैनल सीएनएन-आईबीएन ने कोलकाता में एक कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे लोगों के सवालों के जवाब देने थे.

जब जादवपुर यूनिवर्सिटी की एक छात्रा ने कार्टून मामले पर प्रोफेसर अंबिकेश महापात्र की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया.

इस सवाल से ममता बनर्जी गुस्सा गईं. उन्होंने कहा, "वो कार्टून नहीं है. हम कार्टून को पसंद करते हैं. कार्टून एक अलग चीज है. वो सीपीआई-एम से जुड़े हुए हैं. उन्होंने अपनी सोसाइटी के लोगों की सहमति के बिना उनके ईमेल का इस्तेमाल किया. उन्होंने इसे 60 लोगों को बढ़ाया."

'सीपीएम एजेंट'

ममता बनर्जी ने दावा किया कि प्रोफेसर महापात्र बुद्धिजीवी नहीं, बल्कि सीपीएम के एजेंट हैं.

जादवपुर यूनिवर्सिटी की छात्रा की ओर से पूछे गए इस सवाल पर तिलमिलाई ममता बनर्जी ने उल्टे सवाल पूछ लिया कि यहाँ क्या सिर्फ जादवपुर यूनिवर्सिटी के छात्र ही है? जबकि यहाँ इतने सारे विश्वविद्यालय हैं.

नाराज ममता बनर्जी ने उस छात्रा से कहा- क्या तुम माओवादी हो, तो उस छात्रा ने जवाब में कहा कि नहीं वो माओवादी नहीं हैं.

लेकिन ममता बनर्जी कहाँ रुकने वाली थीं. गुस्से में आग बबूला ममता ने कहा, "हम माओवादियों का समर्थन नहीं करते. यहाँ माओवादी लोग हैं, माओवादी विद्यार्थी हैं. मैं माओवादियों और सीपीएम के सवालों के जवाब नहीं दूँगी."

दर्शकों में बैठे लोगों की ओर इशारा करते हुए ममता बनर्जी ने कहा- आप लोग सीपीएम से जुड़े हुए हो. आप लोग एसएफआई के (सीपीएम का छात्र संगठन) कैडर हो. मैं सबको जानती हूँ.

इतना सब कुछ कहने के बाद ममता बनर्जी कार्यक्रम बीच में छोड़कर चलीं गईं.

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