मायावती के शीर्ष अधिकारी के खिलाफ केस

मायावती (फाइल)
Image caption मायावती के शशांक शेखर सिंह को कैबिनेट सचिव बनाने को लेकर विवाद उठा था.

लखनऊ पुलिस ने उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह के खिलाफ ताज कॉरिडार घोटाले में एक एफआईआर दर्ज की है.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने अतिरिक्त पुलिस उधीक्षक राजेश कुमार के हवाले से कहा है कि हजरतजंग पुलिस स्टेशन में प्रदेश के पूर्व कैबिनेट सचिव, भारतीय प्रशासनिक अधिकारी नवनीत सहगल, अमिटी यूनिवर्सिटी के संस्थापक अशोक चौहान और पूर्व विधायक अजय प्रताप सिहं ऊर्फ लल्ला भैया के खिलाफ अनुपमा सिंह की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है.

ये मामला वादी को धमकाने से संबंधित है.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ये केस धमकाने, गैर कानूनी तौर पर एक साथ जमा होने, किसी की जायदाद में बिना अनुमति और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.

उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद जो सबूत सामने आएंगे उसके बाद उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

शिकायत

अनुपमा सिंह ने कहा है कि उन्होंने पूर्व मुख्य मंत्री मायावती और उनके मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में 2009 में जनहित याचिका दर्ज किया था जिसके बाद उन्हें परेशान किया गया.

उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने उन्हें परेशान किया और एक प्राइवेट संस्था में उनकी नौकरी भी इसी कारण से गई.

उन्होंने आरोप लगाया कि अमिटि यूनिवर्सिटी ने बिना किसी वजह के 16 मई को उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं.

उनका कहना था कि पूर्व विधायक अजय प्रताप सिंह अन्य 30 से 40 लोगों के साथ गोमती नगर के उनके घर आए और उन्हें धमकी दी और उनपर जनहित याचिका लेने के लिए दबाव बनाया गया.

ताज कॉरिडोर घोटाला साल 2002-03 में सामने आया था.

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