भारत से थाईलैंड - वाया बर्मा

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Image caption प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बर्मा के राष्ट्रपति से मुलाकात की

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तीन दिवसीय बर्मा यात्रा के दौरान सोमवार को बर्मा के राष्ट्रपति थेन सेन से मुलाकात की है और कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए है.

नए समझौतों के अनुसार भारत से थाईलैंड की सड़क यात्रा बर्मा के जरिए की जा सकेगी.

साथ ही भारत ने बर्मा को 500 मिलियन डॉलर कर्ज देने का वायदा किया है. इस तरह बर्मा को भारत की तरफ से मिलने वाली मदद 1.7 अरब डॉलर की हो गई है.

पिछले 25 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की ये पहली बर्मा यात्रा है.

समाचार एजेंसियों के मुताबिक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया गया.

राजधानी नेपिडाव में राष्ट्रपति के साथ मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों के बीच कई समझौतों पर सहमति बनी.

बीबीसी संवाददाता संजय मजूमदार के मुताबिक सोमवार सुबह 12 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए.

इनमें सीमा और विकास पर समझौता पत्र, हवाई सेवा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान शामिल है.

भारत-बर्मा-थाईलैंड

एक प्रमुख समझौता सीमा पर सड़क मार्ग के विकास पर हुआ है. प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि भारत तामू-कलेवा मार्ग पर 71 पुलों की मरम्मत करवाएगा. दोनों ही देश एक प्रमुख मार्ग को राजमार्ग में तब्दील करन के लिए काम करेंगे.

इसके तहत भारत के मोरेह से लेकर थाईलैंड के माई सोट तक राजमार्ग बनाया जाएगा. इस राह के जरिए बर्मा होते हुए भारत से थाईलैंड का सफर सड़क से की जा सकेगी.

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Image caption दोनों देशों के बीच 13 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए

साथ ही समझौतों के मुताबिक एक्सिम बैंक बर्मा के विदेशी व्यापार बैंक को 500 मिलियन डॉलर का ऋण देगा. साझा व्यारपार के समझौते पत्र पर भी सहमति हुई है.

दोनों ही नताओं ने संतुष्टि जताई की भारत औऱ बर्मा के बीच सहयोग बढ़ रहा है और बर्मा को भारत की तरफ से मिलेन वाली मदद 1.7 अरब डॉलर तक पंहुच गई है.

बदलाव

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बर्मा पहुँचने के साथ उन बड़े अंतरराष्ट्रीय नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने बर्मा में आ रहे बदलाव के बीच हाल ही में वहां की यात्रा की है.

बर्मा के शीर्ष नेताओं के साथ होने वाली बातचीत के अलावा मनमोहन सिंह के साथ सफ़र कर रहे बड़े प्रतिनिधिमंडल के सदस्य बर्मा में व्यापार की संभावनाओं पर बातचीत करेंगे.

बर्मा में मौजूद गैस के बड़े भंडार तक अपनी पहुँच बनाने में भारत को विशेष रूप से दिलचस्पी है.

हालांकि वहां मौजूद बीबीसी संवाददाता के अनुसार भारत को बर्मा में अपने हितो को बढाने के मामले में चीन और दूसरे देशों से कड़ी टक्कर मिलेगी.

मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बर्मा की लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची से मुलाकात करेंगे.

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