जगन मोहन 11 जून तक न्यायिक हिरासत में

 सोमवार, 28 मई, 2012 को 16:34 IST तक के समाचार
जगन मोहन रेड्डी

सीबीआई तीन दिनों से जगन मोहन से पूछताछ कर रही थी

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर के बेटे और कड़प्पा के सांसद जगन मोहन रेड्डी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने 11 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

सीबीआई ने अदालत से अपील की थी कि पूछताछ के लिए जगन मोहन को उनकी हिरासत में दे दिया जाए लेकिन अभी अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा है.

इसका अर्थ ये है कि आंध्र प्रदेश में 12 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव के एक दिन पहले तक जगन मोहन रेड्डी जेल में रहेंगे. उपचुनाव 12 जून को होने हैं.

सीबीआई के वकील ने अदालत से अपील की थी कि जगन मोहन पर गंभीर आरोप हैं और उन्होंने पिछले तीन दिनों की पूछताछ में सीबीआई से सहयोग नहीं किया है इसलिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना ज़रुरी है.

दूसरी ओर जगन मोहन रेड्डी के वकीलों ने सीबीआई की इस मांग का विरोध किया था और कहा था कि उन्हें गिरफ़्तार करने के पीछे उन्हें उपचुनावों में प्रचार करने से रोकने का षडयंत्र है.

न्यायाधीश पुलैया ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 13 में से 11 अभियुक्तों को निजी मुचलके पर ज़मानत दे दी थी.

जगन मोहन रेड्डी को तीन दिनों की पूछताछ के बाद रविवार को शाम साढ़े सात बजे गिरफ़्तार कर लिया गया था.

गंभीर आरोप

सुबह सीबीआई की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल महेश भान ने अदालत में कहा कि जगन मोहन रेड्डी ने अपने पिता के मुख्यमंत्री रहते ग़लत तरीके से अपनी कंपनियों के लिए तीन सौ करोड़ रुपए जुटाए.

उन्होंने कहा कि इसके अलावा उन पर आरोप है कि लक्ज़मबर्ग से 140 करोड़ रुपए संदूर पॉवर कंपनी में हवाला के ज़रिए निवेश किए गए.

उन्होंने आरोप लगाया कि जगन मोहन की कंपनी ने हिसाब किताब की बहुत गड़बड़ियाँ की हैं.

वकील महेश भान ने आरोप लगाया कि कंपनी ने 10 रुपए के शेयर 300 रुपए में बेचे. उनका कहना था कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को नुक़सान पहुँचा जो देशद्रोह के बराबर है.

इसके अलावा अदालत ने दो और अभियुक्तों की न्यायिक हिरासत को चार दिनों के लिए बढ़ा दिया है.

इनमें जगन मोहन की कंपनी में 850 करोड़ का निवेश करने वाले उद्योगपति निम्मा गुड्डा प्रसाद और एक नौकरशाह सेवी ब्रह्मानंद रेड्डी शामिल हैं.

बचाव

जगन मोहन का परिवार

जगन मोहन की माँ अपने बेटे का बचाव करती रही हैं

जगन मोहन रेड्डी की ओर से बचाव के लिए सुप्रीम कोर्ट के तीन बड़े वकील राम जेठमलानी, मुकुल रोहतगी और सुशील कुमार मौजूद थे.

इन वकीलों ने सीबीआई की ओर से हिरासत की मांग का विरोध किया और कहा कि पिछले तीन दिनों में जगन मोहन ने हर दिन सीबीआई के सामने उपस्थित होकर हर सवाल के जवाब दिए हैं.

उनका कहना था कि राज्य में 12 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव होने वाले हैं और उन्हें न्यायिक हिरासत में रखना उनको चुनाव प्रचार से रोकने का षडयंत्र दिखता है.

जगन मोहन पहले कांग्रेस के सांसद थे लेकिन पिता वाईएसआर रेड्डी की मौत के बाद मुख्यमंत्री न बनाए जाने से नाराज़ होकर उन्होंने विद्रोह कर दिया था.

इसके बाद उन्होंने वाईएसआर कांग्रेस के नाम से एक पार्टी बना ली थी.

वे दावा करते हैं कि कांग्रेस के बहुत से विधायक और मंत्री उनके साथ हैं और वे जब चाहें राज्य की सरकार को गिरा सकते हैं.

ये दावा सच हो या न हो कांग्रेस की सरकार उनकी राजनीतिक गतिविधियों से परेशानी में ज़रुर रही है.

बंद का मिलाजुला असर

जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को राज्य व्यापी बंद का आहवान किया है.

इस आहवान को देखते हुए पूरे राज्य में सुरक्षा के प्रबंध कड़े कर दिए गए हैं.

राज्य में हैदराबाद और तेलंगाना इलाकों में बंद का असर नहीं है लेकिन रायलसीमा और शेष आंध्र में बंद का असर हुआ है.

शाम तक बंद शांतिपूर्ण ही था.

उधर हैदराबाद में जगन मोहन रेड्डी की मां विजय लक्ष्मी, बहन भारती और पत्नी शर्मिला रविवार रात से भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उनके निवास स्थान के बाहर इस भूख हड़ताल कैंप पर समर्थकों की बड़ी भीड़ जुटी है.

इनमें कांग्रेस के दो बागी विधायक और एक लोकसभा सांसद एस हरि भी शामिल हैं.

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