राज्यपाल के भाषण के बीच बीएसपी का हंगामा

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Image caption बीएसपी विधायकों ने गवर्नर पर गुंडाराज को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए विरोध किया

उत्तर प्रदेश में विपक्षी बहुजन समाज पार्टी ने नई विधान सभा के बजट सत्र के पहले ही दिन समाजवादी पार्टी सरकार पर आक्रामक रुख अपनाते हुए राज्यपाल के भाषण के दौरान जमकर हंगामा किया.

हंगामे के कारण राज्यपाल बी एल जोशी अपने लिखित भाषण के कुछ अंश पढ़कर पांच मिनट में वापस चले गए.

सुबह 11 बजे राज्यपाल ने जैसे ही विधान सभा मंडप में प्रवेश किया, विपक्षी बहुजन समाज पार्टी के विधायक अचानक हाथों में सरकार विरोधी बैनर और सिर पर नारे लिखी टोपियां पहनकर खड़े हो गए.

कुछ बीएसपी विधायक सुरक्षा गार्डों से धक्कामुक्की करते हुए गवर्नर के पास पहुँचने की कोशिश करे रहे थे जबकि कुछ ने कागज के गोले बनाकर गवर्नर की ओर फेंके जिन्हें सुरक्षा गार्डों ने रोक लिया.

इनमें लिखा था लूट, डकैती, ह्त्या की सरकार को बर्खास्त करो. एक बैनर में यह भी आरोप लगाया गया कि उत्तर प्रदेश में स्थानांतरण एक उद्योग बन गया है.

भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के विधायक भी अपनी सीटों पर खड़े होकर गवर्नर के भाषण का विरोध कर रहे थे.

भाजपा नेता कलराज मिश्र ने बाद में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि बीजेपी ने बैठक से पहले गवर्नर को ज्ञापन देकर बढते अपराध, भ्रष्टाचार और बिजली कटौती का विरोध किया.

मगर बीएसपी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि गवर्नर सपा के गुंडा राज को संरक्षण दे रहे हैं इसलिए गवर्नर के भाषण का विरोध किया गया.

दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने आरोप लगाया कि बीएसपी के पास कहने को कोई मुद्दा नहीं है इसलिए वे हंगामा कर रहे हैं.

अहमद हसन का कहना था कि जनता ने बहुजन समाज पार्टी की सरकार को नकार दिया है लेकिन बीएसपी नेताओं को शर्म नही आती और वे अकारण हंगामा कर रहे थे.

राज्यपाल के लिखित भाषण में पूर्ववर्ती मायावती सरकार की आलोचना करते हुए कहा गया है कि “प्रदेश पिछले पांच वर्षों में देश के इतिहास के सबसे बड़े भ्रष्टाचार, निर्दोष लोगों के उत्पीड़न और जंगल राज का गवाह बना है.”

भाषण में भरोसा दिलाया गया है कि नई सरकार जनता की भलाई और उत्तर प्रदेश के विकास के लिए कार्य करेगी.

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