न बिजली, न कोचिंग फिर भी बने 12वीं में देश के टॉपर

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Image caption मोहम्मद इस्मत अपने पिता मोहम्मद बशीरुर रहमान के साथ.

सीबीएसई की 12वीं कक्षा में 99 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले मणिपुर के मोहम्मद इस्मत का कहना है कि वहां लागातार बंद, बिजली की कटौती और डर के माहौल के बावजूद वे कड़ी मेहनत, दृढ़ निश्चय और धीरज के साथ पढ़ाई में लगे रहते थे.

पहली बार पूर्वोत्तर राज्यों में 12वीं कक्षा में पहला स्थान प्राप्त करने वाले इस्मत का कहना है कि अगर ये तमाम मुशिकलें नहीं होती तो मैं इस मुकाम को हासिल नहीं कर पाता.

इम्फाल के जेनिथ एकेडमी से इस्मत ने विज्ञान की पढ़ाई की है.

इस्मत का कहना था, ''मणिपुर में आए दिन बंद, विरोध प्रदर्शन होते हैं, बिजली एक दिन में दो से तीन घंटे आती है और कई तरह की मुश्किलें हैं उसके बावजूद मैं कड़ी मेहनत, अनुशासन, दृढ़ निश्चय से पढ़ाई करता रहा और इसलिए यहां पहुंच पाया.''

उन्होंने अंग्रेजी में 98 फीसदी, भौतिक विज्ञान में 97 फीसदी, रसायन विज्ञान में 100 फीसदी, गणित में 100 फीसदी, गृह विज्ञान में 100 फीसदी, कला में 100 फीसदी अंक हासिल किए हैं.

एकाग्रता सफलता की कुंजी

इस्मत ने किसी तरह की कोचिंग नहीं ली और घर पर ही पढ़ाई की. उन्होंने अपनी सफलता में अपने स्कूल जेनिथ एकाडेमी, इंफाल का भी जिक्र किया.

उन्होंने कहा, "स्कूल के डायरेक्टर ने मेरी फीस माफ कर दी."

इस्मत का अब लक्ष्य आईएएस अधिकारी बनने का है और वे दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से भौतिक विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई करना चाहते हैं.

उनका कहना है, ''जब मैं स्कूल में पढ़ रहा था तो काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ता था लेकिन मैंने उन्हें अपनी सफलता के लिए आगे बढ़ने का ज़रिया बनाया और तभी मैं ये सब हासिल कर पाया.''

एकाग्रता को सफलता की कुंजी बताने वाले इस्मत कहते है कि वे एक दिन में आठ से दस घंटे तक पढ़ाई करते थे.

उनका कहना था, ''मुझे मेरे शिक्षकों ने मदद की और कई विशेषज्ञता प्राप्त शिक्षक भी होते थे जो मेरी मदद करते थे. मैंने खुद पर विश्वास रखा और अनुशासन के साथ मेहनत की.''

इस्मत कहते हैं- अभी मुझे प्राथमिक तौर पर सफलता मिली है लेकिन अभी मुझे आगे बढ़ना है और आईएएस की तैयारी करनी है.

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