न बिजली न कोचिंग, फिर भी 12वीं में बने देश के टॉपर

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Image caption 12वीं के नतीजों में पहली बार पुर्वोत्तर राज्य के छात्र ने पहला स्थान हासिल किया है. तस्वीर, पीटीआई

सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में पहली बार पूर्वोत्तर राज्यों के किसी छात्र ने पूरे भारत में पहला स्थान प्राप्त किया है. मणिपुर के मोहम्मद इस्मत ने 99 प्रतिशत अंक हासिल किए.

सोमवार को घोषित नतीजों में मणिपुर के मोहम्मद इस्मत ने कुल 99 प्रतिशत अंक हासिल किए.

साधारण परिवार के इस्मत ने बिना कोई कोचिंग लिए और बार बार बिजली कटने की समस्या से जूझते हुए ये सफलता हासिल की है

20 साल के इस्मत ने 12वीं में विज्ञान की पढाई की है.

उन्हें गणित, कैमिस्ट्री, पेंटिंग और होम साइंस में शत-प्रतिशत अंक आए. इसके अलावा इस्मत ने अंग्रेजी में 98 फीसदी और भौतिकी में 97 फीसदी अंक हासिल किए.

दसवीं की परीक्षा में इस्मत को 92.4 प्रतिशत अंक मिले थे और वो मणिपुर मे दूसरे नंबर पर थे.

इंफाल से 30 किलोमीटर दूर लिलोंग के रहने वाले मोहम्मद इस्मत एक कम आय वाले परिवार से हैं. उनके आठ लोगों के परिवार का गुजारा सिर्फ तीस हज़ार रूपए सालाना में चलता है.

उनके पिता एक प्राइमरी स्कूल में अध्यापक है और महीने का दो हज़ार रूपए कमाते हैं.

घर पर पढ़ाई

इस्मत ने किसी तरह की कोचिंग नहीं ली और घर पर ही पढ़ाई की. उन्होंने अपनी सफलता में अपने स्कूल जेनिथ एकाडेमी, इंफाल का भी जिक्र किया.

अखबार इंडियन एक्सप्रेस से उन्होंने कहा, "स्कूल के डायरेक्टर ने मेरी फीस माफ कर दी."

इस्मत के गांव में शिक्षा की साधारण सुविधाओं के साथ बिजली की भी बहुत समस्या है. इस्मत कहते हैं कि बार बार बिजली जाने से पढाई में भी दक्कतें आती है.

इस्मत को उम्मीद है कि उन्हें दिल्ली के मशहूर सेंट स्टीफंस कॉलेज में एडमिशन मिलेगा.

हालांकि कॉलेज के बाद उनका इरादा आईएएस परीक्षा में बैठेन का है. अखबार इंडिन एक्प्रेस से इस्मत ने कहा, "मैं एक सिविल सर्विस का अधिकारी बनकर लोगों की सेवा करना चाहता हूं."

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