फसीह महमूद मामले में सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

निखत परवीन
Image caption निखत परवीन के साथ सामाजिक कार्यकर्ता मनीषा सेठी भी मौजूद थीं.

सऊदी अरब से लापता हुए भारतीय नागरिक फसीह महमूद की पत्नी निखत परवीन की याचिका पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय समेत कई राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया.

केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अलावा कर्नाटक, महाराष्ट्र, बिहार और दिल्ली सरकारों को भी नोटिस जारी किए गए हैं.

सऊदी अरब में इंजीनियर के रूप में पिछले पाचं सालों से काम कर रहे फसीह को कथित तौर पर कुछ सऊदी और कुछ भारतीय अधिकारियों ने 13 मई, 2012 को सऊदी राज्य के अल जुबैल शहर से पकड़ा था और उसके बाद से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है.

फसीह महमूद की पत्नी निखत परवीन ने बुधवार को दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि भारत के तमाम मंत्रालय और कई राज्य सरकारों से संपर्क करने के बाद भी जब उन्हें अपने पति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली तो उन्हें मजबूर होकर अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा.

न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति जेएस खेहर की पीठ ने नोटिस जारी करते हुए फसीह महमूद को दो जून,2012 यानी शुक्रवार तक अदालत में पेश करने के निर्देश दिए.

भारतीय विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से इस बारे में अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है.

संवाददाता सम्मेलन में निखत परवीन ने कहा कि मुझे तो मीडिया के जरिए से पता चला कि मेरे पति को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है, लेकिन आधिकारिक तौर पर मुझे कोई जानाकारी नहीं है.

मीडिया से पता चला

Image caption फसीह महमूद पेशे से इंजीनियर हैं और 2007 से सऊदी अरब में काम कर रहे हैं.

निखत परवीन का कहना था, ''मैं 16 मई को दिल्ली आई. उसके बाद पटना पहुंची. पटना में मीडिया के जरिए मुझे पता चला कि मेरे पति पर चरमपंथी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े होने का आरोप लगाया जा रहा है. ये सुनते ही मैं दिल्ली आ गई और गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, सीबीआई, एनआईए से लेकर सऊदी दूतावास और कई राज्य सरकार तक हर संभव एजेंसी से संपर्क किया. लेकिन सभी ने यही कहा कि फसीह महमूद के खिलाफ़ कोई मामला नहीं है और वो नहीं जानते कि वो कौन हैं और कहां है.''

निखत ने कहा कि अखबारों के जरिए उन्हें पता चला कि उनके पति के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा रहा है जो कि बहुत ही हास्यास्पद है क्योंकि रेड कॉर्नर नोटिस तो तब जारी किया जाता है जब कोई नहीं मिल रहा है, मेरे पति तो 18 दिनों ने 'गैर-क़ानूनी हिरासत' में हैं.

बिहार के दरभंगा ज़िले में 'बाढ़ समैला ' नाम का एक गाँव है. फ़सीह महमूद इसी मुस्लिम बहुल बस्ती के रहने वाले हैं और चौंकाने वाली बात है कि हाल के दिनों में इस गाँव के और तीन लड़के गिरफ़्तार हुए हैं.

इन सब पर एक ही तरह का इल्ज़ाम या शक़ है कि 'इंडियन मुजाहिदीन' से इनके संबंध हैं. बिहार की पुलिस को बताए बग़ैर अन्य राज्यों की पुलिस ने ये गिरफ्तारियां की हैं.

फ़सीह के पिता फ़िरोज़ अहमद पेशे से डॉक्टर हैं और गाँव के धनसंपन्न प्रतिष्ठित व्यक्ति माने जाते हैं जबकि फ़सीह की मां गाँव के ही स्कूल में शिक्षिका हैं.

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