रिपोर्ट में पायलटों को रिझाने की कोशिश

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केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री अजित सिंह ने एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के विलय पर आधारित रिपोर्ट को सार्वजनिक किया है.

धर्माधिकारी समिति ने अपनी रिपोर्ट इसी साल 31 जनवरी को सौंपी थी. रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि पूर्ववर्ती एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस के कर्मचारियों के वेतनमानों में एकरूपता होगी.

साथ ही कार्यपालक संवर्ग के वेतनमान डीपीई के मानकों के अनुसार होंगे.

रिपोर्ट के मुताबिक एयर इंडिया के कर्मचारियों के लिए नए वेतनमानों को लागू करने के लिए कट-ऑफ तिथि 1 अप्रैल 2007 रखने की सिफारिश की गई है.

भुगतान

इसके अलावा एयर इंडिया के कर्मचारियों के बकाए का भुगतान चार जून तक कर दिया जाएगा.

समिति ने काम करने के घंटों पर एकसमान नीति बनाने की सिफारिश की है. समिति ने लाभ आधारित वेतन वृ्द्धि की भी सिफारिश की है.

पायलटों और इंजीनियरों और उनके अधीन काम करने वालों को उनके लाइसेंस के आधार पर वरीयता प्रदान की जाएगी.

समिति ने कुछ निश्चित वर्ग के कर्मचारियों जैसे पायलट, केबिन क्रू और इंजीनियरों को कुछेक निश्चित भत्ते दिए जाने की सिफारिश की है. लेकिन इन्हें लागू करने के पूर्व इनके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल का अनुमोदन जरूरी होगा.

'हड़ताल वापस लें'

समिति ने वेतन विसंगतियों को दूर करने के और व्यापक पदोन्नति नीति की सिफारिश की है.

धर्माधिकारी समिति के कार्यान्वन के लिए एक समिति का गठन किया जा रहा है जो कि 45 दिनों के भीतर इसकी रूपरेखा तैयार करेगी.

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अजित सिंह ने कहा कि पहले कर्मचारी बिना शर्त अपनी हड़ताल वापस लें. उनकी समस्याओं का धर्माधिकारी रिपोर्ट के अनुसार समाधान होगा.

उन्होंने कहा कि इसके बाद उनकी और माँगों पर भी विचार किया जा सकता है.

उनका कहना था कि ये हड़ताल गैर-कानूनी है क्योंकि कर्मचारी बिना नोटिस के हड़ताल पर गए हैं.

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