अन्ना हजारे और रामदेव अनशन पर

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Image caption टीम अन्ना अपने आंदोलन में नई जान फूंकने के प्रयासों में जुटी है.

भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ अपनी मुहिम को आगे बढ़ाने के मकसद से रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और योग गुरु रामदेव दिल्ली में जंतर मंतर पर एक दिन का अनशन करेंगे.

पिछले एक साल में ये पहला मौका है जब अन्ना हजारे और रामदेव एक साथ किसी मंच पर होंगे. ऐसी खबरें हैं कि इस अनशन के दौरान रामदेव 2014 के आम चुनावों के लिए अपनी रणनीति का भी एलान कर सकते हैं.

ये अनशन ऐसे समय में हो रहा है जब टीम अन्ना ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनकी सरकार के कई सदस्यों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं और उनकी स्वतंत्र रूप से जांच कराने की भी मांग की है.

सीबीआई पहले ही कोयला खनन आवंटन में धांधली के आरोपों की शुरुआती जांच शुरू कर चुकी है.

प्रधानमंत्री पर निशाना

अनशन से पहले अन्ना हजारे और रामदेव ने प्रधानमंत्री पर हमले तेज कर दिए हैं. अन्ना हजारे ने जहां कहा कि उन्हें मनमोहन सिंह पर भरोसा नहीं है, वहीं रामदेव ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ‘राजनीतिक रूप से ईमानदार’ नहीं हैं.

हालांकि अन्ना हजारे पहले प्रधानमंत्री को ईमानदार बताते रहे थे लेकिन हाल में अपनी टीम के खुले बयान के बात उनके नजरिए में तबदीली देखी गई.

दिल्ली पुलिस ने अनशन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए व्यापाक इंतजाम किए हैं. रामदेव का भारत स्वाभिमान आंदोलन राज्यों की राजधानियों में भी इस तरह के प्रदर्शनों का आयोजन कर रहा है.

दिल्ली में टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया और गोपाल राय भी इस अनशन में हिस्सा ले सकते हैं.

इस बात पर भी सबकी नजरें होगी कि हाल में सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त होने वाले जनरल वीके सिंह भी अनशन में शामिल होंगे या नहीं. कई मुद्दों पर सरकार से उनके मतभेद रहे हैं.

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