नौकरी के लिए रुचि, काबिलयत और मौका ज़रुरी

Image caption गिरते विकास दर से नौकरियां कम हुई हैं

नौकरी डॉट कॉम के संस्थापक संजीव बिखचंदानी ने बीबीसी हिंदी के पाठकों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि नौकरी के लिए रुचि, काबिलियत और मौके को ध्यान में रखना चाहिए.

बीबीसी हिंदी के फेसबुक पन्ने पर पाठकों के सवालों के उन्होंने सीधे जवाब दिए और कई मुद्दों पर बात की.

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क्रिस पा के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अभी भी 3डी एनिमेशन में संभावनाएं बरकरार हैं और इसमें नौकरियों की कमी नहीं हैं.

परम पुरोहित ने सवाल पूछा था सिविल इंजीनियरिंग के बारे मे जिसके जवाब में संजीव ने कहा, ‘‘ किसी भी अर्थव्यवस्था में इंजीनियरों का रोल बड़ा होता है. आधारभूत ढांचे में अभी विकास कम है लेकिन सरकार ने कहा है कि इस पर ध्यान दिया जाएगा तो सिविल वालों के लिए अवसर हैं.’’

महेश गज्जर का सवाल ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ा था जिस पर संजीव ने बताया कि अभी गाडियों का बाजा़र मंदा है लेकिन धीरे धीरे जैसे जैसे गाड़ियां बढ़ेंगी इस सेक्टर में नौकरियां बढ़ती जाएंगी.

कुछ लोगों ने सरकारी और निजी नौकरियों के बारे में सवाल किए जिस पर संजीव ने कहा कि दोनों नौकरियों में अलग अलग फायदे और अलग अलग नुकसान हैं.

उनका कहना था कि सरकारी नौकरी में पैसा कम और सिक्योरिटी अधिक है जबकि निजी क्षेत्र में पैसा अधिक सिक्योरिटी कम है.

शील भद्र के इस सवाल के जवाब में कि अमरीकी चुनावों का क्या असर होगा भारत में नौकरियों पर, संजीव ने बताया कि जब तक चुनाव नहीं होते अमरीका पर, आउटसोर्सिंग पर लगे कुछ प्रतिबंध जारी रहेंगे और इसके लिए काफी दबाव होगा ओबामा और मिट रोमनी पर जो उनके प्रतिद्वंद्वी हैं.

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