कौन है एनोनिमस?

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Image caption एनोनिमस ग्रुप ने दुनिया के कई देशों में हैकिंग की है

भारत के 16 शहरों में इंटरनेट हैकर्स का एक समूह सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के अघोषित नियंत्रण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है. लेकिन क्या हैं यें इंटरनेट हैकर्स ग्रुप.

दुनिया भर में फैला एनोनिमस यानी अज्ञात नाम का एक समूह है जो इंटरनेट पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों का विरोध करता है. इसका मुखिया कौन है या कौन इस समूह को चलाता है ये किसी को पता नहीं क्योंकि हैकर्स आम दुनिया को अपना नाम नहीं बताते हैं.

ये हैकर्स समूह इंटरनेट के ज़रिए अपने संदेश भेजते हैं और विरोध के तौर पर सरकारी वेबसाइटों को हैक करते हैं और इंटरनेट पर सरकारों के लिए परेशानी खड़ी करते हैं.

हैकर्स उन्हें कहा जाता है जो इंटरनेट सेवाओं को प्रभावित करते हैं. आम भाषा में ये इंटरनेट पर मौजूद जानकारी चुराने वालों के लिए भी हैकर्स शब्द का इस्तेमाल होता है लेकिन अज्ञात ग्रुप का कहना है कि वो इंटरनेट की आजादी के लिए हैकिंग करते हैं और इसमें कुछ ग़लत नहीं हैं.

गाई फौक्स सोलहवीं सदी में स्पेन की फौज में लड़ने वाले एक योद्धा थे. उनके जैसी वेश-भूषा धारण करना हैकर्स ग्रुप एनोनिमस की पहचान कही जाती है.

ये सुर्खियों में क्यों है

एनोनिमस यानि अज्ञात सुर्खियों में है मुंबई में अपने प्रदर्शन के कारण जिसमें कई लोग शामिल हुए थे. एनोनिमस के सदस्यों ने कहा कि वो भारत के आम लोगों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, दूसरों की तरह साधारण इंटरनेट का प्रयोग करने वाले हैं और एक बात को सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं.

एनोनिमस इंडिया भारत में इंटरनेट सेवा देने वाली कंपनियों रिलायंस कम्युनिकेशंस और एयरटेल द्वारा फाइल शेयरिंग को रोकने की प्रक्रिया के विरोध में है, जो हैकर्स समूह के मुताबिक इंटरनेट का प्रयोग करने वालों के अधिकारों में कटौती के समान है.

भारत में इंटरनेट सेवा देने वाली कई कंपनियों ने हाल में इंटरनेट कॉपीराइट पर अदालत के फैसले के बाद कई फाइल शेयरिंग साइट्स को ब्लॉक कर दिया था.

भारत में इस समय कम से कम बारह करोड़, एक लाख लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. इसमें एक बड़ी आबादी है जो फाइल शेयरिंग का लाभ उठाती है.

अगर फाइल शेयरिंग बंद होती है तो कई तरह की जानकारियों से लोग वंचित रह जाते हैं जिसके लिए पैसे देने पड़ सकते हैं.कई वेबसाइट्स को ब्लॉक करने और उनमें दी गई जानकारियों को शेयर करने पर लगी रोक के विरोध में एनोनिमस समूह ने भारत की पंद्रह से ज़्यादा साइट्स को हैक कर लिया जिनमें सुप्रीम कोर्ट, दो राजनैतिक दल और कुछ टेलिकॉम कंपनियों की साइट्स शामिल थीं.

हैकिंग और एनोनिमस के बारे मे जानना इसलिए भी ज़रुरी है क्योंकि ये ऐसे ग्रुप हैं जिन्होंने इंटरनेट पर आज़ादी और कॉपीराइट की बहस में एक नया आयाम जो़ड़ा है.

एनोनिमस पूरी दुनिया में फैला है और भारत में इंटरनेट के बढ़ते दायरे के मद्देनज़र एनोनिमस का कोई भी कदम इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों को प्रभावित भी कर सकता है.

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