राष्ट्रपति चुनाव: यूपीए और एनडीए ले सकते हैं अंतिम फ़ैसला

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Image caption अपना राष्ट्रपति बनाने के लिए कांग्रेस को तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का साथ चाहिए

राष्ट्रपति चुनाव की राजनीतिक खींचतान अब विद्रोह और धमकियों तक जा पहुँची है.

ममता बनर्जी ने मुलायम के साथ जो नाम सुझाव थे उनको कांग्रेस ने खारिज कर दिया तो उन्होंने साफ़ कर दिया कि वे एपीजे अब्दुल कलाम की उम्मीदवारी से हटने को तैयार नहीं हैं.

उनके एक सांसद ने पहले ही कह दिया था कि यदि कांग्रेस ने प्रणब मुखर्जी या हामिद अंसारी का नाम सामने रखा तो वे पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की उम्मीदवारी का समर्थन करेंगे.

उल्लेखनीय है कि बुधवार को ममता बनर्जी और मुलायम सिंह यादव ने अपनी ओर से एपीजे अब्दुल कलाम, मनमोहन सिंह और सोमनाथ चटर्जी को राष्ट्रपति पद के लिए अपनी पसंद बताया था.

किसने क्या कहा?

जिसे गुरुवार की सुबह कांग्रेस ने खारिज कर दिया. हालांकि कांग्रेस ने ये भी कहा कि वह जल्दी ही अपने उम्मीदवार की घोषणा करेगी लेकिन शाम को कांग्रेस कोर कमेटी की मीटिंग के बाद नेताओं ने कहा है कि अभी किसी नाम पर अंतिम फ़ैसला नहीं हुआ है और इस पर शुक्रवार को यूपीए की बैठक में चर्चा की जाएगी.

उधर एनडीए ने भी कहा है कि वह अपनी ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर विचार करने के लिए शुक्रवार को बैठक करेंगे.

ममता का विद्रोही रुख

ममता बनर्जी ने शाम होते होते साफ़ कर दिया कि वे अपने कदम वापस खींचने को तैयार नहीं है.

पत्रकारों से उन्होंने साफ़ कहा कि कहा कि उनके उम्मीदवार एपीजे अब्दुल कलाम हैं.

इस बीच मीडिया में अटकलें चलने लगीं थीं कि वे यूपीए में रहेंगी या जाएंगीं. इन अटकलों का जवाब देते हुए ममता ने कहा, "हम धमकी से नहीं डरते और जब धमकी हमको कोई देखा तो हम देख लेंगे."

यूपीए के साथ रहने न रहने के सवाल पर उन्होंने कहा, "हमने तो यूपीए छोड़ा नहीं लेकिन अगर वे लोग चाहते हैं कि हम यूपीए में न रहें तो ये उनकी च्वाइस है. हम नहीं चाहते कि सरकार गिर जाए."

इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के सांसद कुणाल घोष ने पत्रकारों से कहा,"यदि कांग्रेस प्रणब मुखर्जी या हामिद अंसारी को ही लेकर आगे बढ़ती है तो मैं चुनाव की संभावना देख रहा हूँ...यदि कांग्रेस प्रणब मुखर्जी या हामिद अंसारी का नाम लेती है तो तृणमूल कांग्रेस चुनाव चाहेगी...तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी एपीजे अब्दुल कलाम के साथ जा सकते हैं."

तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस की ओर से लगाए गए इन आरोपों का भी खंडन किया है कि ममता बनर्जी ने प्रणब मुखर्जी और हामिद अंसारी का नाम सार्वजनिक करके उन्होंने कोई विश्वास तोड़ा है.

कुणाल घोष का कहना है कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष की 'सहमति' और 'अनुमति' से नाम ज़ाहिर किए थे.

वैसे ममता बनर्जी तो दावा कर रही हैं कि मुलायम सिंह यादव उनके साथ हैं लेकिन समाजवादी पार्टी के तीन नेताओं रामगोपाल यादव, शकील अहमद और मोहन सिंह ने कहा है कि उनकी पार्टी प्रणब मुखर्जी के खिलाफ नहीं है.

ममता बनर्जी का कहना है कि वे इन नेताओं के बयान को नहीं मानतीं और वे उसी बात को सच मानेंगी जो मुलायम सिंह ख़ुद कहेंगे.

कांग्रेस की नाराज़गी

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Image caption कलाम, सोमनाथ और मनमोहन सिंह के नाम को कांग्रेस ने सिरे से खारिज कर दिया है

इससे पहले ममता बनर्जी और मुलायम सिंह यादव की ओर से प्रस्तावित तीनों नामों को कांग्रेस ने खारिज कर दिया.

कांग्रेस प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि मनमोहन सिंह 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहेंगे जबकि पार्टी पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने के हक में नहीं है.

जनार्दन द्विवेदी ने कहा, ''हम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जिम्मेदारियों से मुक्त करने की स्थिति में फिलहाल नहीं हैं. बाकी दो नाम हमें मंजूर नहीं हैं.''

उन्होंने कहा, ''यूपीए-2 के लिए नेता के चयन पर हमने पहले ही कह दिया था कि वे वर्ष 2014 तक प्रधानमंत्री बने रहेंगे. कांग्रेस इस तरह बीच में अपने नेतृत्व में बदलाव जैसे कदम नहीं उठाती है.''

राष्ट्रपति पद के लिए प्रणब मुखर्जी और हामिद अंसारी के कांग्रेस की पसंद होने पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, ''कांग्रेस ने यदि नाम तय किए होते तो दो नाम सामने नहीं आते बल्कि एक ही नाम सामने आता.''

अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए यूपीए को तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के समर्थन की जरूरत होगी.

मेल मुलाक़ातों का दौर

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Image caption प्रणब मुखर्जी को अब इस दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है

बुधवार को पैदा हुए विवाद के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार सुबह वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की जो अब तक उम्मीदवारी की रेस में कांग्रेस की तरफ से सबसे आगे माने जा रहे हैं, जबकि उनके बाद उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का नाम है.

गृह मंत्री पी चिदंबरम और रक्षा मंत्री एके एंटनी भी गुरुवार सुबह कांग्रेस के अध्यक्ष के निवास पर पहुंचे.

यूपीए की सहयोगी डीएमके के नेता टीआर बालू ने भी कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की और कहा कि वो कुछ ही घंटों में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का एलान कर देंगी.

उधर डीएमके राष्ट्रपति पद के लिए मनमोहन का नाम उछाले जाने पर हैरान है. पार्टी प्रमुख एम करुणानिधि ने कहा, ''प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नाम को राष्ट्रपति पद के लिए सुझावए जाने पर मैं कुछ नहीं बोलूंगा. मैंने प्रणब मुखर्जी के नाम का सुझाव दिया था लेकिन अब पता नहीं कि ये सब कैसे हो गया.''

यूपीए के एक और सहयोगी एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि वो किसी व्यक्ति विशेष के नाम पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे.

पवार ने कहा कि अब देखना ये है कि राष्ट्रपति पद के लिए आम सहमति बनाने के लिए कैसे रास्ता निकाला जाए.

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