रिपोर्ट: रोहतक शेल्टर होम था अत्याचार, यौनाचार का घर

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Image caption रोहतक शेल्टर होम से अब बच्चों को हटा दिया गया है

रोहतक के विवादास्पद शेल्टर होम 'अपना घर' में बच्चों के खिलाफ अत्याचारों की जांच करने वाली समिति ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है.

यह रिपोर्ट यौनाचार, अत्याचार, यातना, पोर्नोग्राफी, ड्रग्स, जबरन गर्भपात, नग्न परेड और भूखमरी जैसे शब्दों से भरी हुई है.

'अपना घर' का मामला सामने आने के बाद पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने जांच के लिए वकीलों की चार सदस्यीय समिति का गठन किया था.

जांच समिति ने यह रिपोर्ट जस्टिस एलएन मित्तल और जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया की अवकाश पीठ को सौंपी है.

सीबीआई जांच, मेडिकल जाँच की सिफारिश

इस रिपोर्ट में मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की गई है.

101 पीड़ितों के साथ साक्षात्कार पर आधारित इस रिपोर्ट के अनुसार शेल्टर चलाने वाली जसवंती देवी, उसके रिश्तेदार, बाहर वालों सहित पुलिस भी इस सारे कारनामे में शामिल थी.

समिति के दो सदस्यों अनिल मल्होत्रा और सुदीप्ति शर्मा ने 'अपना घर' के पूरे हरियाणा में चल रहे 12 शेल्टरों में रह रहे चार साल के बच्चे से लेकर 60 साल के बुजुर्गों से बात की.

समिति ने 50 पीड़ितों की चंडीगढ़ के पीजीएमआईएमईआर में मेडिकल जांच की सिफारिश की है. इसमें गायनोलॉजिकल, एड्स के अलावा पीड़ितों के जहनी मूल्यांकन व ड्रग्स से संबंधी टेस्ट करना भी शामिल हैं.

रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि अगर कोई पीड़ित गर्भवती पाई जाती है तो उसका डीएनए अभियुक्तों जय भगवान, सतीश और जसवंत के डीएनए से मिलाया जाए.

यौनाचार

समिति के सदस्यों ने कहा है कि बहादुरगढ़ के बाल भवन के पीड़ितों से सामना झकझोर कर रख देने वाला था. इस दौरान पाँच से 10 साल के बच्चों ने बताया, " जय भगवान और सतीश मुख मैथुन के लिए मजबूर करते थे".

पीड़ितों ने बताया कि उन्हें नंगा करके कपड़े या दुपट्टे के साथ पंखे से बांधकर बांस की छड़ से पीटा जाता था.

रिपोर्ट के अनुसार पीड़ितों को हर रात शराब पीने के लिए मजबूर किया जाता था. इसमें बच्चे, जवान और बूढे़ सब शामिल हुआ करते थे.

पीड़ितों ने बताया है कि होली के दिन जय भगवान और सतीश उनके गुप्तांगों पर रंग लगाते थे.

इसके अलावा ये दोनों बलात्कार के दौरान एक दूसरे का वीडियो भी बनाया करते थे. इन सभी से जसवंती के घर के निर्माण में मजदूरी भी करवाई गई.

समिति ने अपनी जांच में पाया कि कई अव्यस्क लड़कियों को बाहर के लोगों के सामने भी परोसा गया. उन्हें बाहर यह कह कर भेजा जाता था कि उनकी शादी उन्हें ले जा रहे आदमी के साथ की जाएगी. इस कारण कोई विरोध करने की स्थिति में नहीं रहता था. साथ ही उनके साथ संभोग करने से पहले शराब पीने के लिए भी मजबूर किया जाता था.

बच्चे भी बेचे

रिपोर्ट के अनुसार रोहतक के सहारा सेवा आश्रम में बातचीत के दौरान 35 साल की एक महिला फूट-फूट कर रो पड़ी और उसने बताया कि दो बच्चों के साथ आश्रम में रह रही इस महिला के एक बच्चा जसवंती ने बेच दिया.

महिला ने समिति को बताया, "जब जसवंती से मैंने अपने बच्चे को बेचे जाने के बारे में पूछा तो उसने मेरे गुप्तांग में कैंची घुसा दी."

जांच समिति ने पाया कि जसवंती ने कई नवजात शिशुओं, खासकर लड़कों को बेच दिया था.

समिति ने अपनी रिपोर्ट में आगे लिखा है कि एक लड़की को बाहर घुमाने के नाम पर चंडीगढ़ ले जाया गया.

वहां उसे नग्न हो कर स्वीमिंग पूल में नहाने को मजबूर किया गया और उसका वीडियो बनाया गया.

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