संगमा: एनसीपी से फटकार, बीजेडी का समर्थन बरकरार

संगमा
Image caption तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता भी संगमा को समर्थन का एलान कर चुकी हैं.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता पीए संगमा राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने पर अड़े हुए हैं जबकि उनकी पार्टी ने ऐसा करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करने का संकेत दिया है.

एनसीपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, “अगर वो अपनी उम्मीदवारी पर कायम रहते हैं तो हम उस पर प्रतिक्रिया देंगे.”

पटेल ने साफ किया कि राष्ट्रपति पद के लिए यूपीए के घोषित उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को उनकी पार्टी का 'बिना शर्त' समर्थन है.

संगमा की उम्मीदवारी पर उन्होंने कहा, “मैं ये बात स्पष्ट करता हूं कि संगमा को एनसीपी का समर्थन नहीं है. हम चाहते हैं कि वो चुनाव न लड़े.. मैं नहीं समझता कि उन्हें पार्टी के निर्देश और सोच के विरुद्ध काम करना चाहिए.”

बीजेडी संगमा पर कायम

वहीं संगमा चुनाव लड़ने पर अड़े हैं क्योंकि उन्हें दो राज्यों तमिलनाडु और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों का समर्थन प्राप्त है. उन्होंने कहा, “मैं एनसीपी उम्मीदवार के तौर पर नहीं, बल्कि आदिवासी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में हूं.”

लेकिन ओडिशा में सत्ताधारी बीजेडी ने भी दोहराया है कि राष्ट्रपति चुनाव में उसका समर्थन संगमा को ही है.

बीजेडी के वरिष्ठ नेता और संसदीय दल के नेता अर्जुन सेठी ने शनिवार को कहा, “राष्ट्रपति चुनाव को लेकर फिलहाल हमारे रुख में कोई बदलाव नहीं है. बीजेडी संगमा को समर्थन पर कायम है, वो एक अहम आदिवासी नेता हैं.”

बीजेडी के 104 विधायक और 21 सांसद हैं जिनमें सात राज्य सभा सदस्य भी शामिल हैं.

ममता अलग थलग

बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक ने सबसे पहले संगमा का नाम राष्ट्रपति पद के लिए पेश किया जिसका समर्थन बाद में तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने भी कर दिया.

यूपीए की अहम सहयोगी तृणमूल कांग्रेस प्रणव की उम्मीदवारी का विरोध कर रही हैं जबकि विपक्षी गठबंधन एनडीए ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अभी अपना रुख साफ नहीं किया है.

ममता पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को फिर से राष्ट्रपति बनाने पर जोर दे रही हैं. हालांकि शुरू में कलाम का समर्थन करने वाली समाजवादी पार्टी मुखर्जी को समर्थन का एलान कर चुकी है. इस तरह ममता फिलहाल अलग थलग पड़ गई हैं.

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