राष्ट्रपति चुनाव: फैसले से अब भी दूर एनडीए

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Image caption एनडीए की बैठक में नहीं हो पाया कोई फैसला.

राष्ट्रपति चुनाव पर विपक्षी एनडीए गठबंधन की अहम बैठक बिना किसी फैसले के खत्म हो गई. गठबंधन की एक अहम सहयोगी शिवसेना ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया.

रविवार को एनडीए के संयोजक शरद यादव ने बैठक के बाद बताया कि राष्ट्रपति चुनाव पर रुख तय करने के लिए और बैठक होगी और इस बारे में एनडीए के मुख्यमंत्रियों और दूसरे दलों से भी बात की जाएगी.

शरद यादव ने कहा कि इस सवाल पर व्यापक विचार विमर्श किए जाने की जरूरत है और इसके लिए बीजेपी नेता एलके आडवाणी सबसे बात करेंगे. जब उनसे पूछा गया कि क्या इस बारे में आडवाणी को अधिकृत किया गया है तो उन्होंने कहा, “वे भी बात करेंगे और हम भी बात करेंगे.”

उन्होंने साफ किया कि रविवार को हुई बैठक में सिर्फ राष्ट्रपति चुनाव पर चर्चा हुई, उपराष्ट्रपति पद को लेकर कोई बात नहीं हुई.

किसके हक में होगा एनडीए

राष्ट्रपति पद के लिए अभी तक तीन दावेदार मैदान में दिख रहे हैं जिनमें सबसे अहम सत्ताधारी यूपीए गठबंधन के उम्मीदवार वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी हैं जबकि लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष पीए संगमा ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के समर्थन से चुनाव लड़ने पर अड़े हैं हालांकि उनकी पार्टी एनसीपी ही उन्हें समर्थन नहीं दे रही है.

वहीं तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी पूर्व राष्ष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को उम्मीदवार बनाने पर जोर दे रही हैं, हालांकि अब तक किसी और पार्टी ने उनका समर्थन नहीं किया है और खुद उन्होंने भी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा है.

पीए संगमा आदिवासी कार्ड के साथ राष्ट्रपति भवन में जाने की कोशिशों में जुटे हैं. हालांकि उनकी अपनी पार्टी एनसीपी उनके साथ नहीं हैं. एनसीपी ने यूपीए के उम्मीदवार प्रणव मुखर्जी को समर्थन देने का एलान कर दिया है.

पार्टी प्रमुख शरद पवार ने उम्मीद जताई कि संगमा राष्ट्रपति पद की रेस से हट जाएंगे.

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