मंगलवार को होगा पिंकी का लिंग परीक्षण

पिंकी इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption पिंकी प्रामाणिक का लिंग परीक्षण मंगलवार को किया जाएगा.

साल 2006 के दोहा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेता एथलीट पिंकी प्रामाणिक के लिंग परीक्षण के लिए चिकित्सा जांच मंगलवार को हो रही है.

पहले कहा गया था कि जांच सोमवार को होगी.

हालांकि पुलिस का दबाव था कि जांच दमदम जेल में हो जहां पिंकी न्यायिक हिरासत में है. इससे पहले सोमवार को उनकी जांच के लिए एक सात सदस्यीय चिकित्सकीय जांच टीम का गठन किया गया था.

गिरफ्तारी के बाद एक निजी नर्सिंग होम में हुई जांच में पिंकी के पुरुष होने की बात कही गई थी.

पुलिस की दलील थी कि इस मामले को मीडिया में इतना तूल मिल चुका है कि उसे जांच के लिए बाहर ले जाने पर और अधिक सुर्खी मिलेगी.

अनुमति

उत्तर 24-परगना जिला मुख्यालय बारासात के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सुकांत शील ने कहा कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से बारासात जेल में ही पिंकी का लिंग परीक्षण करने की अनुमति मांगी गई है.

उन्होंने कहा, "जांच रिपोर्ट अदालत में 23 जून को दाखिल की जानी है."

उन्होंने कहा, “पिंकी को मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा. वहीं एक बार फिर उसकी जांच बारासात जनरल अस्पताल में कराने की गुहार की जाएगी. हमें उम्मीद है कि कल दोपहर बाद उसकी जांच हो जाएगी”.

घूस का आरोप

पिंकी प्रामाणिक पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली महिला ने दावा किया है कि एशियाड में मेडल जीत चुकी एथलीट ने टूर्नामेंट में खेलने के लिए अपने पुरुष होने की पहचान पर पर्दा डालने के लिए मेडिकल जांच करने वालों को घूस दी थी.

पिछले शुक्रवार को पिंकी की लिव-इन महिला पार्टनर ने यह दावा किया था कि पिंकी ने उन्हें बताया था कि मेडिकल बोर्ड को घूस दी गई थी. इसके अलावा उसे ट्रैक से जबर्दस्ती हटा दिया गया, क्योंकि उसके पकड़े जाने की संभावना थी.

पिंकी की पूर्व लिव-इन पार्टनर ने कहा, “जब मैंने पिंकी को पैसे देने से इंकार कर दिया तो उसने मुझ पर अत्याचार शुरू कर दिए. मैंने गहने बेचकर उसे पैसे दिए.”

हालांकि, पिंकी ने इन आरोपों से इंकार किया है.

प्रामाणिक ने दोहा में आयोजित एशियाई खेलों में चार गुणा चार सौ मीटर की रिले रेस में स्वर्ण पदक जीता था. उसी साल मेलबोर्न में आयोजित कामनवेल्थ खेलों में उन्होंने रजत पदक हासिल किया था.

सोमवार को पूरे दिन पिंकी की मेडिकल जांच को लेकर ऊहापोह की स्थिति रही. पहले एक पुलिस अधिकारी ने कहा, पिंकी का लिंग परीक्षण हो गया है और रिपोर्ट मंगलवार को मिलेगी.

लेकिन कुछ देर बाद ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सुकांत शील ने कहा कि एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है और यह जांच मंगलवार को होगी.

शुक्रवार को पिंकी को कोर्ट ने दो हफ्ते के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. मेडिकल टेस्ट न कराने के अपने पुराने रुख से हटते हुए पिंकी अब इसके लिए तैयार हो गई हैं.

अगली पेशी 23 को

सुनवाई के बाद जज ने सीएमओ को पिंकी का मेडिकल टेस्ट करने और उसकी रिपोर्ट 23 जून की अगली पेशी से पहले दाखिल करने को कहा है.

जज ने ये भी कहा कि जेलर और मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी इस बात का फैसला करेंगे कि पिंकी को किस वार्ड में रखा जाएगा.

एक जेल अधिकारी ने कहा, “हम हिरासत के वारंट के अनुरूप कदम उठाएंगे. अगर वारंट में यह लिखा होगा कि वह अपने मां-बाप की बेटी है तो उसे महिला वार्ड में रखा जाएगा और अगर ऐसा नहीं है तो उसे पुरुष वार्ड में रखा जाएगा.”

वैसे, लिंग तय नहीं होने की हालत में उसे फिलहाल एक अलग सेल में रखा गया है.

इससे पहले पिंकी को रविवार को ही पूर्व रेलवे ने टिकट कलेक्टर के पद से निलंबित कर दिया था.

पूर्वी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी समीर गोस्वामी ने कहा,“सरकारी नियमों के मुताबिक किसी कर्मचारी के 24 घंटे से ज्यादा जेल या पुलिस हिरासत में रहने पर उसका निलंबन तय है. इसलिए हमने उसे निलंबित कर दिया है. अदालत से बरी होने के बाद ही उसका निलंबन वापस होगा.”

साजिश का आरोप

पिंकी के परिवार ने पूरे मामले को साजिश करार दिया है.

उनके पिता दुर्गाचरण ने कहा, “जिस महिला ने मेरी बेटी के खिलाफ आरोप लगाया है उसके पति ने पिंकी से कर्ज लिया था और उसे वापस करने से इंकार कर दिया था. मेरी बेटी की छवि खराब करने के लिए ही उन लोगों ने यह साजिश रची है.”

मां पुष्पा का कहना है, “मैं इस आरोप से अचरज में हूं. मैं उसकी मां हूं. उसके बारे में मुझसे बेहतर कौन जान सकता है. पिंकी के महिला होने के बारे में संदेह की कोई गुंजाइश ही नहीं है.”

संबंधित समाचार