बेटी का यौन उत्पीड़न: फ्रांसीसी राजनयिक जेल भेजे गए

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Image caption बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई में हो रही देरी के खिलाफ प्रदर्शन भी किए थे

बैंगलोर की एक अदालत ने उस फ्रांसीसी राजनयिक पास्कल माजूरियर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

उन्हें अपनी तीन वर्ष की बेटी की यौन प्रताड़ना के आरोप में मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया था.

इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है.

पास्कल माजूरियर की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने 14 जून को उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था लेकिन तब उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था.

माजूरियर की पत्नी सूजा जोन्स एक भारतीय हैं. माजूरियर को अब तक इसलिए गिरफ़्तार नहीं किया जा सका था क्यों कि वह फ्रांस के वाणिज्य दूतवास के भीतर थे जहां कूटनीति नियमों के मुताबिक पुलिस को प्रवेश करने का अधिकार नहीं है.

माजूरियर की पत्नी ने भारतीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय से आग्रह किया था कि वो उनके पति के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करें.

गृह मंत्रालय ने कर्नाटक पुलिस को कहा था कि वो फ्रांसीसी वाणिज्य दूतवास से कहे कि माजूरियर को आरोपों का सामना करने के लिए उनके हवाले सौंप दिया जाए.

बैंगलोर पुलिस के अधिकारी सुनील ने बीबीसी को बताया, " हमने भारतीय विदेश मंत्रालय की अनुमति के बाद माजूरियर को गिरफ्तार कर लिया है. हमें बताया गया है कि उन्हें किसी भी तरह की कूटनीतिक शरण प्राप्त नहीं है."

टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बात करते हुए राजनयिक की पत्नी सूजा जोन्स माजुरियर ने कहा, "अभी मामला ख़त्म नहीं हुआ. अभी मुकदमा शुरु होने दीजिए."

राजनयिक की पत्नी ने भारत में फ़्रांस के राजदूत को एक पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि जब तक मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, उनके पति को देश छोड़कर जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

उन्होंने अपने पत्र में अपने तीनों बच्चों और अपने लिए आर्थिक सहायता की भी मांग की है. ये सभी फ़्रांसीसी नागरिक हैं.

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