मोदी के बचाव में संघ आगे आया

 बुधवार, 20 जून, 2012 को 12:54 IST तक के समाचार

नरेंद्र मोदी को लेकर भाजपा के भीतर भी खींचतान चल रही है

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन एनडीए के अंदर आपसी विरोध के स्वर तेज हो गए हैं.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से गुजरात के मुख्य मंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखी टिप्पणी करने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मोदी का बचाव किया है.

आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने नीतीश कुमार के बयान पर कहा कि इतने दिनों बाद उन्हें अब गुजरात की याद क्यों आई है?

भागवत ने कहा कि नीतीश कुमार अपने वोट बैंक के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं.

भागवत ने नरेंद्र मोदी को एनडीए के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार होने को भी समर्थन दिया.

भागवत ने कहा, "हिंदुत्व विचारधारा को जिंदा रखने के लिए हिंदू समाज को साथ आना होगा और देश को वैसा प्रधानमंत्री चाहिए जो इस विचारधारा को मानता हो."

'कोई समझौता नहीं'

आरएसएस के बयान के बाद जनता दल यूनाइटेड ने भी अपने सुर और कड़े कर दिए हैं.

"हम धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय पर कोई समझौता करने वाले नहीं है, चाहे हम एनडीए में रहे या न रहे, चाहे बिहार में हमारी सरकार रहे या न रहे"

शिवानंद तिवारी, जेडीयू नेता

जेडीयू ने भाजपा से कहा है कि वो अपना रूख साफ करे और जेडीयू कोई समझौता करने वाला नहीं है.

जेडीयू के नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि गुजरात दंगो की वजह से ही केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार वर्ष 2004 का चुनाव हार गई थी.

तिवारी ने कहा, "हम ये मानते है कि आज के दिन भी हिंदुस्तान की मानसिकता नहीं बदली है. जो कट्टर धारा है उसे आम हिंदू मानने को तैयार नहीं है. गुजरात की घटना को हम लोग भूले नहीं है."

तिवारी ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता के मामले पर पार्टी कोई समझौता नहीं करेगी.

"हम धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय पर कोई समझौता करने वाले नहीं है, चाहे हम एनडीए में रहे या न रहे, चाहे बिहार में हमारी सरकार रहे या न रहे."

नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा था कि जेडीयू चाहती है कि प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कोई धर्मनिरपेक्ष विचारधारा वाला नेता ही हो.

वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप कौशल का कहना है कि फिलहाल राष्ट्रपति चुनाव एक मुद्दा है और वर्ष 2014 में लोकसभा के लिए चुनाव होना है ऐसे में अभी प्रधानमंत्री के उम्मीदवार का मुद्दा उठाने का औचित्य समझ नहीं आता.

उनका कहना है, '' बिहार में जद(यू) का भाजपा के साथ पूरा सामंजस्य है साथ ही संघ और नीतीश के जो मत है उसमे नया कुछ नहीं है. लेकिन मेरे विचार से नई बात है राज्य में भाजपा के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का बयान है जिसमें ये कहा गया है कि एनडीए का नेतृत्व धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति हो सकता है और नरेद्र मोदी केवल भाजपा का अध्यक्ष हो सकते है.वो अपने अधिकार से ऊपर की बात कर रहे हैं.''

जेडीय अध्यक्ष शरद यादव ने इस मामले में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.

माना जा रहा है कि नीतीश कुमार का ये बयान नरेंद्र मोदी के उस बयान की प्रतिक्रिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि जातिवाद ने उत्तर प्रदेश और बिहार को बर्बाद कर दिया.

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.