बिहार में रेलवे प्लेटफॉर्म पर पढ़ाई

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption अपने घरों में बिजली कटौती से परेशान ये छात्र रेलवे प्लैटफॉर्म पर पढ़ाई करते हैं.

बिहार के रोहतास जिले के सासाराम स्टेशन के एक लैम्पपोस्ट के नीचे छात्रों के एक गुट को रोज पढ़ाई करते देखा जा सकता है.

रात के समय, आसपास गुजरती ट्रेनों के शोर और यात्रियों की भीड़ से बेखबर वो घेरे में बैठकर अपना काम करते जाते हैं.

23 वर्षीय सरोज कुमार, एक ट्रक ड्राइवर के बेटे हैं. हाल ही में उन्होंने रेलवे और स्कूल टीचर की दो परीक्षाएं पास कीं.

पिछले दो वर्षों से वो यहां ट्रेन पकड़ने या किसी और काम से नहीं बल्कि अपनी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए आते रहे हैं.

अपनी कामयाबी का श्रेय वो सासाराम स्टेशन को देते हैं, लिहाजा उन्होंने रेलवे की नौकरी करने का फैसला किया है.

उनकी तरह ही बिजली से वंचित सैंकड़ों बच्चे, सूरज ढलने के बाद सासाराम स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर मिलकर पढ़ाई करते हैं.

इनमें से ज्यादातर बहुत गरीब तबके के हैं और कोचिंग की सुविधा नहीं ले सकते.

बिहार में बिजली गुल

ये छात्र एक घेरे में बैठते हैं. बीच में एक छात्र परीक्षा की गाइड से सवाल पूछता है तो आसपास वाले जोर-जोर से जवाब देते हैं ताकि सबको सब सुनाई दे.

यहां पढ़नेवाले ज्यादातर छात्र भारतीय रेलवे और बैंकों में नौकरी की परीक्षाओं की तैयारी करते हैं.

सरोज बताते हैं, “यहां पिछले दस वर्षों से छात्र आ रहे हैं और उनकी कोशिश रहती है कि वो देर तक पढ़ाई करें, हम यहां आते हैं क्योंकि हमारे इलाकों में बिजली कटौती होती रहती है.”

कई अन्य राज्यों की तरह बिहार में बिजली का घोर संकट है. बिहार में बिजली की प्रति व्यक्ति खपत देश की औसत खपत का करीब 17 प्रतिशत ही है.

यहां आकर पढ़ाई करनेवाले एक छात्र राहुल कुमार कहते हैं, “यहां ज्यादातर वो छात्र होते हैं जो शहर में एक कमरा किराए पर लेकर रह रहे हों लेकिन कई ऐसे भी हैं जो रोज 50-60 किलोमीटर का सफर तय करके आते हैं.”

‘स्टेशन वाले स्टूडेन्ट्स’

सासाराम के प्लेटफॉर्म पर पढाई करनेवाले ये छात्र ‘स्टेशन वाले स्टूडेन्ट्स’ के नाम से मश्हूर हैं. ये बहुत सुव्यवस्थित तरीके से पढ़ाई करते हैं.

राहुल कुमार बताते हैं, “हम पैसे इकट्ठा कर प्रश्न-पत्रों की प्रतियां बनवा लेते हैं और फिर परीक्षा की ही तरह उन्हें एक तय समयावधि में हल करने की कोशिश करते हैं.”

राहुल के मुताबिक कई बार वो छात्र यहां आकर इनसे अपने अनुभव और जानकारी बांटते हैं, जो इसी प्लेटफॉर्म पर पढ़ाई कर कोई परीक्षा पास कर अब नौकरी कर रहे हैं.

यहां पढ़ाई करनेवाले छात्रों का दावा है कि हर वर्ष करीब 100 ‘स्टेशन वाले स्टूडेन्ट्स’ किसी सरकारी नौकरी की परीक्षा में उतीर्ण हो नौकरी पाते हैं.

संबंधित समाचार