सरिस्का में दिखी दुर्लभ बिल्ली

दुर्लभ बिल्ली
Image caption विलुप्त को रही प्रजातियों में शामिल दुर्लभ 'रस्टी सपोटेड कैट' अलवर जिले के सरिस्का के जंगलों में दिखाई दी है

राजस्थान में वन्य जीव अधिकारियों ने अप्रैल और मई में दुनिया की सबसे छोटी बिल्लियों में से एक दुर्लभ ' रस्टी स्पोटेड कैट' देखने का दावा किया है. यह बिल्ली दिल्ली से करीब एक सौ नब्बे किलोमीटर दूर अलवर जिले के सरिस्का के जंगलों में दिखाई दी है.

अधिकारियों के अनुसार भारत में वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए बने कानून में इसका नाम पहली अनुसूची में दर्ज है. यह बिल्ली विलुप्त को रही प्रजातियों में शामिल है और दुनिया में श्रीलंका और भारत के जंगलों में पाई जाती है.

सरिस्का बाघों की मशहूर पनाहगाह है. इसके निदेशक आर एस शेखावत ने बीबीसी से इस मटमेले रंग की छोटी बिल्ली के देखे जाने की पुष्टि की है.

शेखावत ने कहा, “ये दो वन्य जीव प्रेमियों कार्यकरता निशांत सिसोदिया और अनुराग कौशिक ने देखी हैं और इसके फोटो भी लिए. पहले सरिस्का में वन्य जीव गणना में इस छोटी बिल्ली की मौजूदगी के संकेत मिले थे. अब हमारे लिए ये एक अच्छी सूचना है.”

अलवर के वन्य जीव कार्यकर्ता निशांत वर्षों से सरिस्का का भ्रमण करते रहे है. मगर वे कहते हैं उस दिन वो रोमांचित हो गये जब दुनिया की सबसे छोटी बिल्लिय़ों में से एक को देखा.

दो बार दर्शन

निशांत ने दावा किया, “ एक बार नहीं, हमने दो अलग अलग मौकों पर इस बिल्ली को देखा. दूसरी बार ये युगल था जो अपनी धुन में जंगल के सैर कर रहा था.”

निशांत ने बताया, “ नेवले जैसी दिखने वाली ये बिल्ली 35 से 48 सेंटी मीटर लम्बी होती है. इसका वजन 800 ग्राम से लेकर एक किलो नो सौ ग्राम तक हो सकता है. ये बेहद शर्मीली होती है.” निशांत वन्य जीव कल्याण पर कई साल से काम कर रहे है

जयपुर के महेंद्र कछवाह कहते है, “ये बहुत ही खुश करने वाली खबर है. हमें अब इनके संरक्षण के लिए और भी सचेत रहना चाहिए.”

इन वन्य जीव प्रेमियों के अनुसार ये नन्ही बिल्ली अर्ध शुष्क पतझड़ वाले जंगलो को अपना मुफीद ठिकाना मानती है. कोई आठ सौ वर्ग किलोमीटर में फैले सरिस्का में कोई एक सौ से ज्यादा जंगली बिल्लियां हैं.

अरावली की गोद में समाया सरिस्का कभी बाघों की पसदीदा जगह थी. वर्ष 2004 तक कोई चौदह बाघ सरिस्का में विचरण करते थे. फिर खुलासा हुआ कि शिकारियों ने एक एक कर सभी बाघों को मौत के घाट उतार दिया.

सरिस्का कभी बाघों से बाँझ ना हो,इसलिए सरकार ने पड़ोस के रणथंभोर अभयारण्य से पाचं बाघ सरिस्का स्थान्तरित किये है. बाघ खुद बिल्ली प्रजाति का जानवर है.

सरिस्का में साम्भर,चीतल, सियार,नील गाय ,चोसिंगा,चिंकारा, सूअर और बघेरे तो है ही. अब फिर से बाघों की दहाड़ सुनाई देने लगी है. इन सबके बीच ये शर्मीली नन्ही बिल्ली भी सकुचायी सी घूमती रहती है.

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