मित्तल कारखाने क्यों नहीं लगा रहेः वर्मा

 रविवार, 1 जुलाई, 2012 को 19:55 IST तक के समाचार

मित्तल की कंपनी पिछले छह वर्षों से उड़ीसा और झारखंड में कारखाना लगाने की कोशिश कर रही है

भारत के केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने एनआरआई उद्योगपति लक्ष्मीनिवास मित्तल को भारत और भारत सरकार की छवि ख़राब करना बंद करने के लिए कहते हुए उनसे पूछा है कि वो क्यों नहीं देश में कारख़ाने लगा रहे हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार केंद्रीय मंत्री ने लक्ष्मी मित्तल की पिछले महीने की एक टिप्पणी के संदर्भ में ये बातें कही हैं.

दुनिया की सबसे बड़ी स्टील कंपनी आर्सेलर मित्तल के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मित्तल ने 10 जून को न्यूयॉर्क में कहा था – "औद्योगीकरण हर बड़ी अर्थव्यवस्था के विकास का एक अहम हिस्सा है और प्रगति को ख़तरे में डालकर...भारत उन लाखों-करोड़ों लोगों को पहले जितना सोचा गया था उससे कहीं अधिक समय तक ग़रीबी में रहने के लिए मजबूर कर रहा है."

जब बेनी प्रसाद वर्मा से आर्सेलर मित्तल को झारखंड और उड़ीसा में ज़मीन अधिग्रहण के सिलसिले में हो रही परेशानियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये राज्य का विषय है.

मगर उन्होंने साथ ही ये टिप्पणी भी की, "जो भी हो, मित्तल ने मुझसे कभी संपर्क नहीं किया."

"मित्तल ने मुझसे कभी संपर्क नहीं किया"

बेनी प्रसाद वर्मा, केंद्रीय इस्पात मंत्री

वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार आर्सेलर मित्तल को पूरा सहयोग देगी अगर वो भारत में अपनी योजना पर काम आगे बढ़ाए.

उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया की स्टील कंपनी पोस्को उड़ीसा की 12 अरब डॉलर की लागत वाली 12 मिलियन टन की स्टील परियोजना में प्रगति हो रही है.

वर्मा ने कहा,"जो काम बढ़ाना चाहते हैं, वो पोस्को की तरह ऐसा कर रहे हैं."

मित्तल की कंपनी पिछले छह वर्ष से मुख्यतः उड़ीसा और झारखंड में प्रस्तावित अपनी 30 अरब डॉलर की परियोजना के लिए ज़मीन मिलने का इंतज़ार कर रही है.

पीटीआई के मुताबिक मित्तल ने पिछले दिनों ये भी कहा था कि उनकी कंपनी को भारत में अपना काम शुरू करने में अभी और पाँच से 10 साल लग सकते हैं.

मित्तल ने मई में कहा था,"हमें भारत में अभी भी मुश्किलें हो रही हैं. मुझे लगता है कि भारत में हमारी परियोजनाएँ अगले पाँच से 10 साल तक पूरी नहीं हो पाएँगी."

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