सोनिया के विदेशी मूल पर फिर पलटे संगमा

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Image caption राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की वजह से संगमा को एनसीपी छोड़नी पड़ी है

राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार पीए संगमा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे पर फिर अपने तेवर सख्त कर लिए हैं.

इस मुद्दे पर अपने रुख में नरमी को दरकिनार करते हुए संगमा ने कहा कि विदेशी मूल के व्यक्ति को भारत का प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहिए.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक शनिवार को संगमा ने कहा, “अब मेरी यही राय है. भविष्य में भी मेरी यही राय रहेगी. मृत्यु तक. मैं किसी विदेशी को प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बनाए जाने का समर्थन नहीं करूंगा.”

वर्ष 1999 में विदेशी मूल के व्यक्ति को प्रधानमंत्री न बनाए जाने के मुद्दे पर पीए संगमा, शरद पवार और तारिक अनवर ने कांग्रेस छोड़ कर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी बनाई. लेकिन बाद में उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी राय में बदलाव कर लिया था.

इसी साल 22 मई को संगमा ने कहा था, “अब ये अध्याय बंद हो चुका है. मैंने इस बारे में सोनिया गांधी के पास जाकर माफी मांग ली है. मैंने उनसे कहा कि आपके पास प्रधानमंत्री बनने का अवसर था, आपके पास संख्या भी थी लेकिन फिर भी आपने इनकार कर दिया. मैं बहुत खुश हूं. चलिए अतीत को भूल जाते हैं. और उन्होंने कहा हां, चलिए अतीत को भूल जाते हैं.”

किताब से विवाद

पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की जल्द आने वाली किताब के चलते ये विवाद नए सिरे से उभरा है.

किताब में कलाम कहते हैं कि सोनिया गांधी 2004 में प्रधानमंत्री बनना चाहती थीं. कलाम के मुताबिक उनके पास भी उन्हें प्रधानमंत्री नियुक्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था.

इससे पहले ये चर्चा होती थी कि एपीजे अब्दुल कलाम ने विदेशी मूल की होने के नाते सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनाने से इनकार कर दिया था इसके बाद उन्होंने मनमोहन सिंह को इस पर के लिए चुना था.

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Image caption कलाम के संस्मरणों की नई किताब 'टर्निंग पॉइंट' आने वाली है

राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस का समर्थन न मिलने के बाद संगमा अपने पुराने रुख पर लौटे हैं.

लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष ने ये कहते हुए कांग्रेस से समर्थन मांगा था कि इस बार एक आदिवासी नेता को भारत का राष्ट्रपति बनाया जाना चाहिए.

कांग्रेस ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है.

वहीं संगमा को अखिल भारतीय अन्ना द्रुमुक और बीजूजनता दल का समर्थन प्राप्त है.

बाद में भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी एनडीए के कुछ सदस्यों ने भी संगमा का समर्थन कर दिया. संगमा सभी सांसदों और विधायकों से अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने को कह रहे हैं.

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