भारत खरीदेगा गांधी के पत्रों का अनमोल संग्रह

 मंगलवार, 3 जुलाई, 2012 को 11:42 IST तक के समाचार
गांधी जी के पत्र

इतिहासकार इन पत्रों को एक अनमोल संग्रह मानते हैं.

महात्मा गांधी से जुड़े हजारों पत्र, दस्तावेज और फोटो अगले मंगलवार को इंग्लैंड में नीलाम हो रहे हैं, जिन्हें भारत सरकार खरीदने जा रही है.

ये सभी चीजें अभी महात्मा गांधी के 'अंतरंग' मित्र रहे एक यहूदी आर्किटेक्ट हरमन कालेनबाख के परिवार के पास है जो नीलामी घर सूदबी (Sotheby's) के जरिए इन ऐतिहासिक दस्तावेजों को बेच रहा है.

पुलित्जर पुरस्कार जीत चुके मशहूर अमरीकी पत्रकार और लेखक जोसेफ लेलीवेल्ड ने पिछले साल प्रकाशित अपनी किताब 'इन ग्रेट सोल: महात्मा एंड हिज़ स्ट्रगल विद इंडिया' में गांधी और कालेनबाख के रिश्ते को 'सबसे अंतरंग लेकिन अस्पष्ट बताया था.'

इसी कारण गुजरात में इस किताब पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. लेकिन किताब ने इन दो दोस्तों के रिश्तों को लेकर लोगों में कौतूहल जरूर पैदा किया है. कालेनबाख परिवार के पास मौजूद गांधी के पत्रों में इस रिश्ते के कई पहलू दर्ज हो सकते हैं.

कसरती बदन वाले कालेनबाख ने गांधी को कई 'तार्किक और प्यार भरी टिप्पणियां' भेजी थीं जिन्हें बाद में नष्ट कर दिया गया.

अनमोल संग्रह

आयोजकों का अनुमान है कि इस नीलामी से सात लाख 77 हजार डॉलर से लेकर 11 लाख डॉलर की राशि प्राप्त हो सकती है.

भारतीय संस्कृति ने मंत्रालय ने बीबीसी को बताया कि सरकार गांधी से जुड़ी इस सारी सामग्री को खरीदने के लिए सूदबी के साथ एक करार करने जा रही है.

सरकार से इस सामग्री को खरीदने की सिफारिश करने वाली प्रतिष्ठित इतिहासकारों और पांडुलिपि विशेषज्ञों में से एक ने बताया, "ये संग्रह अच्छी तरह संरक्षित किया हुआ और अनमोल है." एक सूत्र के मुताबिक भारत संभवतः इसके लिए 11 लाख डॉलर की राशि देगा.

इस संग्रह में गांधी और कालेनबाख के बीच पांच दशकों तक हुआ पत्राचार शामिल है, जिसमें बहुत सी अप्रकाशित सामग्री है. इन पत्रों में उन्होंने कानूनी मामलों, रूसी लेखक टॉल्सटॉय में अपनी साझा दिलचस्पी और दक्षिण अफ्रीका के टॉल्सटॉय फार्म में साथ गुजारे हुए वक्त की बातें शामिल हैं.

इस पत्रों में गांधी की भारत वापसी, शुरुआती राजनीतिक मुहिमों और उनकी पत्नी कस्तूरबा गांधी की बीमारी की जिक्र है.

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