मॉनसून में देरी लेकिन भोजन की कमी नहीं: पवार

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Image caption केद्रीय मंत्री ने कहा कि स्थिति न सुधरने की सूरत में केंद्र के पास एक आकस्मिक योजना तैयार है.

केंद्र सरकार ने माना है कि इस साल मानसून में देरी हुई है लेकिन उसका कहना है कि चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि देश के पास पर्याप्त मात्रा में खाद्य भंडार है.

पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा कि देश में दो जुलाई तक 31 प्रतिशत कम बारिश हुई है. लेकिन उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह अच्छी बारिश होने की संभावना है.

देश के अधिकतर हिस्से गर्मी से बेहाल हैं और बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. बारिश न होने से बिजली और पानी की कमी भी देखने को मिल रही है.

पवार ने कहा कि हालात इतने खराब नहीं है. उन्होंने कहा कि पिछले साल से अगर तुलना की जाए तो हालात खराब नजर आते हैं क्योंकि पिछला साल सबसे बेहतरीन सालों में से था. उन्होंने कहा, ''हमे सामान्य सालों से तुलना करनी चाहिए जिसे देखते हुए हालात खराब इतने नहीं हैं.''

प्रभाव

उन्होंने कहा कि हर साल इस सप्ताह सामान्य दिनों में 39.3 लाख हेक्टेयर धान होता है लेकिन इस साल यह 39.6 लाख हेक्टेयर है. कपास में भी सामान्य के मुकाबले सुधार देखने को मिला है.

हालांकि उन्होंने माना कि बारिश की कमी से मकई, बाजरा और ज्वार पर असर पड़ा है.

खाद्य भंडार की स्थिति का ब्योरा देते हुए उन्होंने कहा कि एक जून को हमारे पास 501 लाख मीट्रिक टन गेहूं था जबकि 300 मीट्रिक टन से अधिक चावल था. उन्होंने कहा कि दोनों ही सामान्य से अधिक हैं.

पवार ने कहा, ''सरकार राज्यों को जरूरत अनुसार उन्हें इसकी सप्लाई कर सकती है.''

केद्रीय मंत्री ने कहा कि स्थिति न सुधरने की सूरत में केंद्र के पास एक आकस्मिक योजना तैयार है.

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