पिंकी के साथ पुरुषों जैसा बर्ताव क्यों?

 मंगलवार, 3 जुलाई, 2012 को 21:58 IST तक के समाचार

पिंकी के साथ पुरुषो जैसे बर्ताव का मामला सामने आया है.

हांलाकि डॉक्टरों और अदालत को ये तय करना अभी बाकी है कि पिंकी प्रमाणिक पुरुष हैं या फिर महिला, लेकिन उनके साथ एक पुरुष की तरह बर्ताव किया जा रहा है.

बंगाल के महिला आयोग में इस बारे में शिकायत दर्ज कराई गई है.

सुवाशीष मोइत्रा,वरिष्ठ पत्रकार

"किसी ने कहा कि पिंकी पुरुष है, पुलिस नें उन्हें गिरफ्तार कर लिया, लेकिन अभी भी ये मात्र अभियोग है. ये सिद्ध होना अभी भी बाकी है कि पिंकी प्रमाणिक पुरुष हैं या फिर महिला.जब तक ये तय नही हो जाता कि वो क्या हैं उनके साथ एक महिला की तरह ही बर्ताव किया जाना चाहिए. लेकिन आश्चर्य है कि पिंकी के साथ पुरुष जैसा बर्ताव किया जा रहा है. उन्हें जेल में पुरुष कैदियों के साथ ही रखा गया."

शिकायत दर्ज कराने वाले वरिष्ठ पत्रकार सुवाशीष मोइत्रा ने बीबीसी से बातचीत में कहा,"किसी ने कहा कि पिंकी पुरुष है, पुलिस नें उन्हें गिरफ्तार कर लिया, लेकिन अभी भी ये मात्र अभियोग है. ये सिद्ध होना अभी भी बाकी है कि पिंकी प्रमाणिक पुरुष हैं या फिर महिला."

सुवाशीष मोइत्रा कहते है," जब तक ये तय नही हो जाता कि पिंकी क्या हैं उनके साथ एक महिला की तरह ही बर्ताव किया जाना चाहिए. लेकिन आश्चर्य है कि पिंकी के साथ पुरुष जैसा बर्ताव किया जा रहा है. उन्हें जेल में पुरुष कैदियों के साथ ही रखा गया."

पुरुष जैसा बर्ताव

सुवाशीष मोइत्रा आगे कहते है," जब भी पिंकी को अदालत या फिर मेडिकल टेस्ट के लिए ले जाया जाता है, पुरुष पुलिसवाले उन्हें विशेष रुप से तंग करते हैं. मैंने राज्य महिला आयोग से मांग की है कि वो इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करे और आवश्यक कार्रवाई करें."

महिला पत्रकारों ने भी इस मामले को शोसल नेटवर्किंग साइट पर उठाया है.

पिंकी प्रमाणिक को गिरफ्तार करने वाली साल्ट लेक इलाके की पुलिस ने इस बात से इनकार किया है कि सिर्फ पुरुष पुलिस वाले ही पिंकी के साथ जाते हैं.

पुलिस उपायुक्त सुब्रत बनर्जी ने बीबीसी को बताया कि अदालत या फिर अस्पताल जहाँ भी पिंकी को जाना होता है उनके साथ महिला पुलिस कर्मी भी होती हैं.

तुहिन रॉय,पिंकी के वकील

"मैने दो बार जज के सामने इस मामले को उठाया कि जब तक उनका लिंग परीक्षण नही हो जाता उन्हें महिला ही माना जाए. जज ने अधिकारियों को आदेश दिया कि उन्हें कानून के हिसाब से काम करने की जरुरत है. लेकिन इसके बाद भी उन्हें पुरुष कैदियों के साथ रखा जाता है और बुरा बर्ताव होता है."

पिंकी के वकील तुहिन रॉय का कहना है कि उन्होंने इस मुद्दे को अदालत के सामने भी उठाया है.

तुहिन रॉय का कहना है कि उन्होंने दो बार जज के सामने इस मामले को उठाया कि जब तक उनका लिंग परीक्षण नही हो जाता उन्हें महिला ही माना जाए. जज ने अधिकारियों को आदेश दिया कि उन्हें कानून के हिसाब से काम करने की जरुरत है. लेकिन इसके बाद भी उन्हें पुरुष कैदियों के साथ रखा जाता है और बुरा बर्ताव होता है.

तुहिन रॉय ये भी कहते हैं कि पिंकी के लिंग परीक्षण का 29 सेकेंड का वीडियो जंगल में आग की तरह बड़ी तेजी से फैल गया है. ये एक निजी अस्पताल की क्लिप है और ये उनकी गिरफ्तारी से पहले की है. ये गैरकानूनी है

बलात्कार का अभियोग

पिंकी प्रामाणिक पर बलात्कार का अभियोग लगने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. अभियोग लगाने वाली महिला ने दावा किया था कि पिंकी ने उनके साथ बलात्कार किया और यातनाएं दी.

महिला ने ये भी दावा किया कि एशियाड में मेडल जीत चुकी एथलीट ने टूर्नामेंट में खेलने के लिए अपने पुरुष होने की पहचान पर पर्दा डालने के मकसद से मेडिकल जांच करने वालों को घूस दी थी.

प्रामाणिक ने वर्ष 2006 में दोहा में आयोजित एशियाई खेलों में चार गुणा चार सौ मीटर की रिले रेस में स्वर्ण पदक जीता था.

उसी साल मेलबोर्न में आयोजित कामनवेल्थ खेलों में उन्होंने रजत पदक जीता था. महिला के आरोप के आधार पर पुलिस ने पिंकी को गिरफ्तार कर लिया था.

अदालत ने इस ममले में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. अदालत ने ही पिंकी का लिंग तय करने के लिए चिकित्सा जांच का आदेश दिया था.

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